NEET Re-Exam: नीट री-एग्जाम के दौरान आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आई है. गोमती नगर में परीक्षा देने आई एक छात्रा गलती से दूसरे सेंटर पर पहुंच गई, जिसके बाद परीक्षा छूटने के डर से उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया था. छात्रा का भविष्य खराब न हो, इसके लिए वहां सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने सड़क पर दौड़ लगा दी और अपनी पर्सनल कार से उसे 5 किलोमीटर दूर सही सेंटर तक सुरक्षित पहुंचा दिया. वर्दी वालों के इस सराहनीय कदम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग पुलिस की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
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गलत सेंटर पर पहुंची परेशान छात्रा
यह पूरा मामला लखनऊ के गोमती नगर इलाके का है. दरअसल, 'पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय' परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा अपना नीट का री-एग्जाम देने पहुंची थी. जब वह अंदर जाकर अपना रोल नंबर ढूंढने के लिए आगे बढ़ी, तो उसे पता चला कि यह उसका परीक्षा केंद्र नहीं है. जानकारी के मुताबिक, उस छात्रा का असली एग्जाम सेंटर वहां से करीब 5 किलोमीटर दूर गोमती नगर के ही जीजीआईसी (GGIC) स्कूल में था. यह सच सामने आते ही छात्रा बुरी तरह से घबरा गई और उसे लगा कि अब उसका डॉक्टर बनने का सपना टूट जाएगा और एग्जाम छूट जाएगा, जिसके बाद वह वहीं खड़ी होकर जोर-जोर से रोने लगी.
पुलिस वालों ने बचा लिया भविष्य
छात्रा को इस तरह रोता और परेशान देखकर वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद की. पुलिस वालों ने बिना देरी किए तुरंत उस छात्रा को सही परीक्षा केंद्र पर पहुंचाने में जुट गए. इस दौरान पुलिस वालों की छात्रा के साथ सड़क पर दौड़ लगाने की वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. कुछ दूर दौड़ने के बाद इन पुलिसकर्मियों ने छात्रा को अपनी पर्सनल कार में बैठाया और समय रहते उसे उसके सही एग्जामिनेशन सेंटर पर पहुंचा दिया.
नकल रोकने के लिए 51 हजार जैमर्स
3 मई को हुए नीट पेपर लीक के बाद देशभर में लोगों के अंदर काफी आक्रोश था. जिसके चलते री-नीट एग्जाम NTA के लिए एक बहुत बड़ी अग्निपरीक्षा थी. परीक्षा को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए 20 जून को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था और नकल माफियाओं को रोकने के लिए 51,000 से ज्यादा जैमर्स (Jammers) का इस्तेमाल किया गया है. अकेले लखनऊ की बात करें तो यहां नीट की परीक्षा के लिए 75 केंद्र बनाए गए थे, जहां करीब 35,594 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी है. हर केंद्र पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सब-इंस्पेक्टर और महिला कांस्टेबल की अलग-अलग टीमों के साथ ही सादे कपड़ों में भी पुलिस बलों की तैनाती की गई थी.
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