राम मंदिर चढ़ावा गबन मराम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, 60 किलो चांदी की शिलाओं सहित कई आभूषण का नहीं मिला सुराग... दानदाताओं ने उठाए सवाल

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ाई गईं चांदी की शिलाएं, विशेष दीपक, बहुमूल्य हार और चरण पादुका के कथित तौर पर गायब होने का मामला गहराता जा रहा है. दानदाताओं ने दावा किया है कि उनके पास दान की आधिकारिक रसीदें मौजूद हैं, लेकिन मंदिर परिसर में उन वस्तुओं का कोई पता नहीं चल रहा है.

यूपी तक

• 07:58 PM • 20 Jun 2026

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Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में प्रभु रामलला को चढ़ाए गए आभूषणों और बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने का एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि मंदिर की नींव के लिए दान में दी गई लगभग 60 किलो चांदी की शिलाएं, 3 किलो का एक विशेष चांदी का दीपक, जौनपुर के एक परिवार द्वारा भेंट किया गया बहुमूल्य हार और चांदी की चरण पादुका अब लापता हैं. दानदाताओं ने अब अपने स्तर पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं और उनका दावा है कि उनके पास दान की पूरी आधिकारिक रसीदें भी मौजूद हैं. फिलहाल जांच टीम पुजारियों और ट्रस्ट के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ कर रही है, लेकिन बहुमूल्य चढ़ावों का अब तक कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल पाया है.

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60 किलो चांदी और दीपक लापता

ज्वेलर्स एसोसिएशन के नॉर्थ इंडिया हेड अनुराग रस्तोगी ने बड़ा दावा किया है कि उन्होंने देशभर के सर्राफा व्यापारियों के सहयोग से लगभग 60 किलो चांदी की शिलाएं राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपी थीं. इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 3 किलो चांदी का एक विशेष अखंड दीपक भी भगवान के श्री चरणों में स्थापित किया था. रस्तोगी का कहना है कि जब वे दोबारा नए मंदिर में दर्शन करने गए, तो उन्हें वह दीपक वहां नहीं दिखा है. उन्होंने बताया है कि उनके पास पहली बार में 34.644 किलो, दूसरी बार में 4 किलो, गाजियाबाद से आई 22.5 किलो चांदी और ऋषिकेश से आए 1 किलो के कलश को ट्रस्ट में जमा करने के पूरे सबूत और रिकॉर्ड मौजूद हैं.

रसीद मौजूद पर सामान का सुराग नहीं

अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया है कि उनके पास सारा सामान जमा करने की पूरी आधिकारिक रसीदें मौजूद हैं. उन्होंने कहा है, 'हम लोगों के यहां कहा जाता है कि दान इस हाथ से दो कि दूसरे को पता ना चले, इसलिए हमने ट्रस्ट पर कोई अविश्वास नहीं जताया था.' रस्तोगी के मुताबिक, उन्हें पूरी उम्मीद थी कि चांदी की शिलाएं मंदिर की नींव में इस्तेमाल होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जब उन्होंने ट्रस्ट के लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, तो मंदिर भव्य बनने के बाद अधिकारियों से उनका नियमित संपर्क नहीं हो पाया था. अब रस्तोगी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह एसआईटी को सारे सबूत सौंपने के लिए तैयार हैं.

पुजारियों के दावों में उलझी एसआईटी जांच

चांदी की शिलाओं के अलावा जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार द्वारा रामलला को भेंट किया गया बहुमूल्य हार और चांदी की चरण पादुका भी गायब है. इस मामले में एसआईटी ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, आभूषणों के प्रभारी कृष्णदेव तिवारी और चार पुजारियों से पूछताछ की है. पुजारी मोहित पांडे ने जांच टीम को बताया है कि उन्होंने हार पहनाने के बाद टिन्नू यादव को सौंप दिया था. वहीं, टिन्नू यादव का दावा है कि, 'उस हार को गलाकर रिंग बनाने के लिए बेंगलुरु भेजा गया था.' हालांकि, जांच टीम को बेंगलुरु भेजे जाने के दावे से जुड़ा कोई भी पुख्ता रिकॉर्ड या रसीद नहीं मिली है. वहीं, आभूषणों की देखरेख करने वाले कृष्णदेव तिवारी ने इन सभी चीजों की जानकारी होने से ही साफ इनकार कर दिया है. एसआईटी अब सभी बयानों का मिलान कर रही है ताकि पता चल सके कि यह रिकॉर्ड रखने में लापरवाही है या कोई सुनियोजित साजिश है.डा का महाठग शफीक अली गिरफ्तार