NEET Re-Exam: नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के विवादों के बीच आज देश भर में नीट की दोबारा परीक्षा (Re-Exam) आयोजित की गई है. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित सीएवी (CAV) इंटर कॉलेज में भी परीक्षार्थी पूरे उत्साह के साथ परीक्षा देने पहुंचे. परीक्षा से पहले छात्रों की चेकिंग की गई, जिसमें कानों से लेकर कपड़ों और डिवाइस तक की बारीकी से जांच हुई है. पिछली परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा परीक्षा देने पहुंचे छात्रों और उनके अभिभावकों ने सरकार से सख्त मांग की है कि इस बार पेपर लीक जैसी कोई घटना न हो, क्योंकि इससे बच्चों की मेहनत बर्बाद हो जाती है और वे डिप्रेशन में चले जाते हैं.
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कड़ी सुरक्षा और बारीकी से चेकिंग
प्रयागराज के सीएवी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आज सुबह से ही छात्रों की भारी भीड़ रही है. इस बार सरकार और प्रशासन ने धांधली रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. परीक्षा केंद्र के बाहर हर एक छात्र की बारीकी से चेकिंग की गई. सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों के कानों, कॉलर और कपड़ों को अच्छी तरह से चेक किया ताकि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या नकल की सामग्री अंदर न जा सके. पूरी तरह से आश्वस्त होने और डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद ही छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया है.
परीक्षा को लेकर छात्रों में डर
दोबारा परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के चेहरों पर जहां एक तरफ परीक्षा का दबाव था, वहीं दूसरी तरफ पेपर लीक का डर भी साफ नजर आ रहा था. कई छात्रों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पिछली बार का पेपर काफी आसान (Easy) था, लेकिन इस बार उन्हें डर लग रहा है कि पेपर कैसा आएगा. एक छात्रा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, 'इतनी मेहनत की थी और अच्छे मार्क्स आए थे, लेकिन पेपर लीक की वजह से सब खराब हो गया. वो जो पहले वाला प्रेशर था, वो इस बार नहीं आ पा रहा है. फिर से प्रिपरेशन करना वही ट्रॉमा (Trauma) रहता है.' छात्रों की सरकार से बस यही मांग है कि इस बार पेपर लीक न हो और उनकी मेहनत बर्बाद न जाए.
अभिभावकों ने की फेयर एग्जाम की मांग
कड़ी धूप में अपने बच्चों को परीक्षा दिलाने पहुंचे अभिभावकों (Parents) ने भी पेपर लीक पर अपनी चिंता जाहिर की है. एक अभिभावक ने कहा, 'हम चाहते हैं कि बच्चे अच्छे से सफल हों और सरकार बढ़िया से व्यवस्था करे ताकि पेपर लीक न हो और फिर कोई लफड़ा न बढ़े.' वहीं, एक अन्य अभिभावक ने बताया कि पेपर रद्द होने से बच्चे काफी हतोत्साहित (Demotivated) और डिप्रेशन में आ गए थे, जिसका उनकी तैयारी पर बुरा प्रभाव पड़ा है. उन्होंने सरकार से फेयर एग्जाम (Fair Exam) कराने की मांग की है ताकि बच्चों का मनोबल न टूटे और उनके भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो.
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