री-NEET परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र 'Abu Dhabi'... अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, NTA ने खोला गड़बड़ी का यह राज

NEET admit card issue: NEET परीक्षा से ठीक एक दिन पहले नागपुर के एक छात्र के एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र अबू धाबी लिखे होने की गड़बड़ी सामने आई है. इस मामले पर अखिलेश यादव ने NTA को घेरा है, जबकि एजेंसी ने दावा किया कि छात्र ने खुद सेंटर बदला था.

यूपी तक

21 Jun 2026 (अपडेटेड: 21 Jun 2026, 01:48 PM)

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NEET admit card issue: NEET परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी हंगामे के बीच महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक छात्र ने 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र 'अबू धाबी' (Abu Dhabi) लिखा हुआ था. जिससे परिवार के लोग सकते में पड़ गए. हालांकि इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एनटीए (NTA) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने लिखा 'अनियमितताओं को दूर करने की गारंटी देने वाला एनटीए अब इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देगा?'  हालांकि जब विवाद बढ़ा तो NTA ने सफाई देते हुए दावा किया है कि छात्र ने खुद करेक्शन विंडो के दौरान अपना सेंटर अबू धाबी किया था. हालांकि, बाद में छात्र के भविष्य को देखते हुए एजेंसी ने उसका परीक्षा केंद्र बदलकर वापस नागपुर कर दिया है.

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एडमिट कार्ड देख उड़े परिवार के होश

नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे नागपुर के एक छात्र के पिता ने बताया है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में काफी समस्या आ रही थी. पिता के मुताबिक, 'कल शाम 4 बजे जब एडमिट कार्ड डाउनलोड हुआ, तो हमने देखा कि उसको जो सेंटर मिला है वो अबू धाबी लिखा था. यह देखकर हम लोग बहुत शॉक में आ गए क्योंकि हमने ऐसा कोई विकल्प नहीं दिया था.' इसके बाद घबराए परिवार ने तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क किया और एनटीए को ईमेल भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई. परिवार ने परीक्षा के लिए वर्धा और नागपुर के ही विकल्प भरे थे.

अखिलेश यादव ने एनटीए को घेरा

जैसे ही नागपुर के छात्र का यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, सियासत भी पूरी तरह से गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छात्र के एडमिट कार्ड का हवाला देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया है. अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर तंज कसते हुए लिखा है, 'अनियमितताओं को दूर करने की गारंटी देने वाला एनटीए अब इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देगा?' अखिलेश के इस पोस्ट के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी एक बार फिर सवालों के कटघरे में खड़ी हो गई है .

एनटीए की सफाई, 'छात्र ने खुद बदला'

सोशल मीडिया पर हो रही फजीहत के बाद एनटीए (NTA) ने पूरे मामले पर अपनी विस्तृत सफाई पेश की है. एजेंसी ने अपने इंटरनेट रिकॉर्ड का हवाला देते हुए साफ किया है कि फॉर्म सुधारने के लिए जब करेक्शन विंडो खुली थी, तब छात्र ने खुद अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके परीक्षा केंद्र को अबू धाबी में बदला था. एनटीए ने दावा किया है, 'कुल तीन बार छात्र के क्रेडेंशियल्स का उपयोग किया गया. एक बार सेंटर बदलकर अबू धाबी करने के लिए और दो बार यह प्रीव्यू करने के लिए कि सेंटर अबू धाबी ही है.' एजेंसी के मुताबिक, लॉगिन का यह पैटर्न बिल्कुल सामान्य था और छात्र को इस बात की जानकारी थी.

नया एडमिट कार्ड जारी, मिली बड़ी राहत

भले ही एनटीए ने सेंटर बदलने का दावा छात्र के लॉगिन रिकॉर्ड के आधार पर किया हो, लेकिन छात्र के भविष्य को देखते हुए एजेंसी ने उसकी आखिरी वक्त की गुजारिश को स्वीकार कर लिया है. एनटीए ने नया एडमिट कार्ड जारी करते हुए छात्र का परीक्षा केंद्र नागपुर के अजनी स्थित केंद्रीय विद्यालय कर दिया है. सेंटर बदलने के बाद पीड़ित पिता ने राहत की सांस लेते हुए कहा है, 'नया एडमिट कार्ड आ गया है. हम लोग एजेंसी और मीडिया के बहुत शुक्रगुजार हैं. कल रात से हम लोग इतने टेंशन में थे कि न हमें नींद आई और ना ही हमने कुछ खाया था. पिता ने इसे एक 'ह्यूमन एरर' बताते हुए सिस्टम पर मजबूत कंट्रोल चेक की मांग की है.