UP News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में रेलवे से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. रेल मंत्री द्वारा नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के अवसर पर समाजवादी पार्टी के घोसी सांसद राजीव राय और प्रदेश सरकार के मंत्री अरविंद कुमार शर्मा (ए.के. शर्मा) के समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई. कार्यक्रम के बाद दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया. विवाद इतना बढ़ा कि इसकी गूंज लखनऊ तक पहुंची और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी.
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ट्रेन उद्घाटन कार्यक्रम में बढ़ा विवाद
मऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कई रेल परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इनमें आनंद विहार से मऊ तक चलने वाली विशेष ट्रेन, दोहरीघाट से वाराणसी तक ट्रेन सेवा और एक अन्य ट्रेन के मऊ स्टेशन पर ठहराव से जुड़ी घोषणाएं शामिल थीं.
कार्यक्रम में स्थानीय सांसद राजीव राय और मंत्री ए.के. शर्मा भी मौजूद थे. दोनों नेताओं के मंच पर पहुंचने और भाषण देने के दौरान उनके समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई. बताया गया कि जब राजीव राय भाषण दे रहे थे तो कुछ लोग "मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे थे, जबकि ए.के. शर्मा के संबोधन के दौरान भी विरोधी नारे सुनाई दिए.
ए.के. शर्मा के बयान से बढ़ा सियासी तापमान
विवाद उस समय और बढ़ गया जब कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ए.के. शर्मा ने बिना किसी का नाम लिए जमीन कब्जाने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी ऊर्जा नारेबाजी में खर्च कर रहे हैं, जबकि उन्हें उस समय की चिंता करनी चाहिए जब कोई उनका प्लॉट कब्जा कर ले. उनके इस बयान को सांसद राजीव राय पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी माना गया और इसके बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया.
राजीव राय का पलटवार, पुलिस पर भी लगाए आरोप
कार्यक्रम के बाद रेलवे स्टेशन से निकलते समय राजीव राय काफी नाराज दिखाई दिए. उन्होंने कहा कि कोई उन्हें मऊ से बाहर नहीं निकाल सकता और यह किसी के बाप की जागीर नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को जानबूझकर शामिल किया गया और स्थानीय पुलिस ने उन्हें संरक्षण दिया.
राजीव राय ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को खुली छूट मिल जाए तो वे ऐसे लोगों का जवाब देने में सक्षम हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूरी घटना से जुड़े सबूत हैं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पहले सुरक्षा का भरोसा भी दिया था. साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की बात कही.
महिलाओं के अपमान और गुंडागर्दी का आरोप
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ और माहौल जानबूझकर खराब किया गया. उन्होंने कहा कि मंत्री ए.के. शर्मा को इस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए. राजीव राय के मुताबिक कुछ हिस्ट्रीशीटर किस्म के लोगों ने पूरे कार्यक्रम को हाईजैक कर लिया था और पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
अखिलेश यादव भी आए मैदान में
घटना के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कुछ तस्वीरें साझा करते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम में शामिल कई लोग आपराधिक छवि वाले थे. अखिलेश यादव ने मांग की कि संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए.
उन्होंने कहा कि आनंद विहार-मऊ ट्रेन जनहित में शुरू हुई है और इसके पीछे सांसद राजीव राय के प्रयास रहे हैं, लेकिन उद्घाटन समारोह को जानबूझकर विवादित बनाने की कोशिश की गई. अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो यह माना जाएगा कि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है.
पुराना है दोनों पक्षों का टकराव
राजीव राय और ए.के. शर्मा के बीच यह पहला विवाद नहीं है. इससे पहले दोहरीघाट-मऊ रेल सेवा के शुभारंभ को लेकर भी दोनों पक्षों में श्रेय लेने की होड़ देखी गई थी. उस समय भी कार्यक्रम के दौरान तनावपूर्ण स्थिति बनी थी और राजनीतिक बयानबाजी हुई थी.
स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास कार्यों का श्रेय लेने और क्षेत्रीय राजनीतिक प्रभाव को लेकर लंबे समय से चल रही प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है.
चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासी रस्साकशी
पूर्वांचल में पिछले कुछ समय से विभिन्न विकास परियोजनाओं को लेकर नेताओं के बीच श्रेय की राजनीति देखने को मिल रही है. ऐसे में मऊ की यह घटना भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है. आने वाले चुनावों को देखते हुए क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
फिलहाल इस पूरे मामले ने मऊ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन और राजनीतिक दल इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाते हैं.
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