Ram Mandir Investigation: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर जांच लगातार आगे बढ़ रही है. जांच एजेंसियां अब केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित न रहकर मंदिर की पूरी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी सिस्टम, पासिंग व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा कर रही हैं. लगभग ₹10 करोड़ की सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद सामने आई कथित चूक ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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125 से अधिक लोगों से पूछताछ
जांच एजेंसी अब तक 125 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है. यह पूछताछ केवल चढ़ावे से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश नियंत्रण और तकनीकी संचालन से जुड़े सभी पहलुओं को शामिल किया गया है.
सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सिस्टम जांच के दायरे में
मंदिर परिसर में मौजूद बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे और आधुनिक निगरानी सिस्टम की भी विस्तार से जांच की जा रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतने मजबूत सुरक्षा तंत्र के बावजूद कथित अनियमितता कैसे संभव हुई.
पास प्रणाली और प्रवेश नियंत्रण पर सवाल
जांच में पास प्रणाली और प्रवेश-निकास रिकॉर्ड को भी गंभीरता से जांचा जा रहा है. विशेष पास जारी करने की प्रक्रिया, रिकॉर्ड की पारदर्शिता और किस व्यक्ति को कब और कैसे प्रवेश मिला-इन सभी बिंदुओं की गहराई से जांच की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी का पता लगाया जा सके.
आरएमओ की भूमिका पर विशेष ध्यान
इस मामले में रेडियो मेंटेनेंस ऑफिसर (RMO) की भूमिका पर भी विशेष जांच की जा रही है. बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी पिछले लगभग 17 वर्षों से मंदिर की निगरानी व्यवस्था से जुड़े हुए हैं. उनकी लंबी तैनाती और सिस्टम के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
₹10 करोड़ की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर लगभग ₹10 करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद कथित अनियमितताओं की बात सामने आने से जांच और तेज हो गई है. जांच एजेंसियां अब यह समझने में जुटी हैं कि सुरक्षा में चूक तकनीकी थी या प्रशासनिक स्तर पर कोई गलती हुई.
पूरी व्यवस्था की गहराई से समीक्षा
जांच अब केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा की जा रही है. मंदिर की सुरक्षा, निगरानी, प्रवेश व्यवस्था और रिकॉर्ड सिस्टम को एक साथ जांचा जा रहा है ताकि पूरी प्रणाली का संतुलित आकलन किया जा सके.
SIT स्तर पर व्यापक जांच जारी
जांच टीम में मंदिर प्रशासन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों-अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों की भूमिका और जिम्मेदारियों की भी समीक्षा की जा रही है. जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल जल्दबाजी नहीं की जा रही है, लेकिन जांच की दिशा स्पष्ट है कि यह मामला केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की समीक्षा का विषय है.
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