44 डिग्री गर्मी में अभिभावक परेशान, छात्रों के मन में पेपर लीक का डर... वाराणसी में ऐसे हुई NEET री-एग्जाम

Varanasi NEET Exam Centre: वाराणसी में NEET UG री-एग्जाम के दौरान 44 डिग्री गर्मी में अभिभावक पानी और छांव जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान दिखे. वहीं छात्रों ने पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक सिस्टम की खामियां दूर नहीं होंगी, तब तक कड़ी सुरक्षा भी पूरी तरह कारगर नहीं होगी.

यूपी तक

• 05:53 PM • 21 Jun 2026

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Varanasi NEET Exam Centre: देशभर के 22 लाख छात्रों के साथ-साथ आज वाराणसी के 74 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 25 हजार छात्रों ने नीट यूजी (NEET UG) की दोबारा परीक्षा दी हैं. वाराणसी के मैदागिन इलाके में स्थित हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय समेत सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम दिखाई दिए हैं. हालांकि छात्रों के साथ एग्जाम सेंटर पर पहुंचे अभिभावक काफी मशक्कत करते नजर आए. अभिभावक  44 डिग्री की चिलचिलाती गर्मी में छांव और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होते नजर आए हैं. तो वहीं छात्रों ने पेपर लीक को लेकर कहा जब तक पूरा सिस्टम ठीक नहीं होगा, तब तक सुरक्षा के कोई भी इंतजाम पूरी तरह से कारगर साबित नहीं हो सकेंगे.
 

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चिलचिलाती धूप में कोई व्यवस्था नहीं

परीक्षा केंद्रों पर अपने बच्चों का इंतजार कर रहे अभिभावकों में प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली है. अभिभावकों का कहना है कि उन्हें शाम सवा 5 बजे तक इस भीषण गर्मी में बाहर बैठना है, लेकिन वहां पानी या छांव का कोई भी इंतजाम नहीं किया गया है. एक अभिभावक ने अपनी परेशानी बयां करते हुए कहा है, 'धूप इतनी ज्यादा है कि आदमी परेशान है. सेंटर पर धूप से बचने के लिए कोई उपाय नहीं है. यही व्यवस्था दिल्ली में जाकर देखो, तो हर सेंटर पर कूलर लगाए गए हैं.' 43-44 डिग्री तापमान के बीच प्रशासन के पानी और छांव के सारे दावे यहां हवा-हवाई साबित हुए हैं.

छात्रों का सिस्टम की खामियों पर प्रहार

दोबारा परीक्षा देने पहुंचे छात्रों के मन में पेपर लीक होने का डर अब भी साफ नजर आ रहा है. एक छात्र ने परीक्षा की पारदर्शिता पर कड़े सवाल उठाते हुए कहा है, 'सिस्टम की यह बहुत बड़ी चूक और लापरवाही है. जब सिस्टम ही खराब है, तो टेलीग्राम बैन करके या बाहर से आप क्या कर सकते हैं?' छात्रों का कहना है कि पिछली बार की तरह इस बार परीक्षा को लेकर उनमें वह जोश बिल्कुल भी नहीं बचा है. बार-बार परीक्षा होने की वजह से बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता पर भी इस बार बहुत ज्यादा मानसिक दबाव है.

जूते-मोजे उतरवाकर हुई सख्त चेकिंग

प्रशासन ने इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की चूक रोकने के लिए काफी कड़े कदम उठाए हैं. परीक्षा केंद्रों को एक दिन पहले ही सील कर दिया गया था. हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज सेंटर पर छात्रों के जूते-मोजे उतरवाकर और एडमिट कार्ड का सख्ती से मिलान करके ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया है. इसके अलावा अंदर जाने से पहले हर छात्र की अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक चेकिंग (Biometric Checking) की गई है. प्रशासन ने ड्रेस कोड का सख्ती से पालन कराते हुए छात्रों को सिर्फ हल्के कपड़े पहनने और अपने साथ केवल ब्लैक या ब्लू बॉल पेन ले जाने की अनुमति दी है.

पैरामिलिट्री फोर्स की मौजूदगी में परीक्षा

इस बार नीट की परीक्षा को सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रों पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती भी की गई है और पेपर लाने के लिए एयरफोर्स की मदद ली जा रही है. इसके बावजूद छात्रों को व्यवस्था पर पूरी तरह से भरोसा नहीं है. एक छात्रा ने कहा है, 'पिछली बार तो पेपर ईजी आया था, लेकिन इस बार कुछ बता नहीं सकते. मन में डर तो है, क्या पता फिर से वही प्रॉब्लम हो जाए और पेपर लीक हो जाए.' अभिभावकों ने भी इसे बच्चों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है और सरकार से बिना किसी धांधली के साफ-सुथरी परीक्षा संपन्न कराने की जोरदार अपील की है.