बिजनौर में मजार पर बुलडोजर कार्रवाई से मचा बवाल...पुलिस और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हुई झड़प!

Bijnor Mazar Dispute: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर में मजार पर कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की, जिसके बाद मौके पर भारी हंगामा हो गया. आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

यूपी तक

• 05:03 PM • 20 Jun 2026

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Bijnor Mazar Dispute: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र में देर रात उस समय भारी तनाव फैल गया जब प्रशासन ने एक मजार पर कथित अतिक्रमण को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की. यह कार्रवाई जैसे ही शुरू हुई, मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई और हालात तेजी से बिगड़ते चले गए. विवाद इतना बढ़ गया कि आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया.

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अतिक्रमण के आरोप और प्रशासन की कार्रवाई

स्थानीय लोगों का आरोप था कि टीचर कॉलोनी के पास स्थित नासिर बाबा की मजार की दीवारें बढ़ाकर सड़क पर अतिक्रमण किया गया था, जिससे आने-जाने में परेशानी हो रही थी. शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पैमाइश की और अतिक्रमण की पुष्टि होने पर कार्रवाई शुरू की गई.

प्रशासन की टीम रात के समय बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची और मजार की दीवारों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया. कुछ ही देर में मलबा गिरने लगा और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

कार्रवाई के दौरान भड़का हंगामा

कार्रवाई की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोग, मुस्लिम समाज के सदस्य और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए. इसके बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया और पुलिस व लोगों के बीच तीखी बहस देखने को मिली.

इस दौरान माहौल उस वक्त और गरमा गया जब आजाद समाज पार्टी के सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन और धामपुर सीओ अंजनीय चतुर्वेदी के बीच तीखी नोकझोंक हुई. वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण बातचीत भी देखी गई.

विवादित बयान और वायरल वीडियो

हंगामे के दौरान विवेक सेन ने कथित तौर पर कहा कि “हमें गोली मार दो”, जिस पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भड़क गए. सीओ अंजनीय चतुर्वेदी ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर तनाव लगातार बढ़ता रहा. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप साफ दिखाई दे रहे हैं.

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

विवाद बढ़ने के बाद आजाद समाज पार्टी और स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि बिना नोटिस और बिना उचित कागजी कार्रवाई के यह तोड़फोड़ की गई है और यह पूरी तरह गलत है. वहीं दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद ही कदम उठाया गया.

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों का कहना है कि रास्ता अवरुद्ध होने की वजह से उन्हें काफी परेशानी हो रही थी, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई थी. उनका कहना है कि पैमाइश के बाद ही कार्रवाई की गई और अवैध अतिक्रमण हटाया गया. कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि जनहित में यह कदम जरूरी था, ताकि रास्ता खुला रह सके.

राजनीतिक और सामाजिक तनाव

इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है. एक ओर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा.