Atraulia Assembly Seat: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में सियासी पारा चढ़ गया है. आजमगढ़ की 'अतरौलिया' विधानसभा सीट को लेकर एनडीए (NDA) गठबंधन के दो बड़े नेताओं सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद के बीच तीखी तकरार देखने को मिल रही है. ओम प्रकाश राजभर अपने बेटे अरुण राजभर का राजनीतिक करियर सेट करने के लिए उन्हें अतरौलिया से चुनाव लड़ाना चाहते हैं. लेकिन, संजय निषाद ने उनकी इस योजना पर यह कहते हुए पानी फेरने की कोशिश की है कि अगर राजभर का बेटा वहां से लड़ा तो हार पक्की है.
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'पता नहीं कौन सलाहकार है'
निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने ओम प्रकाश राजभर के अतरौलिया से बेटे को चुनाव लड़ाने के फैसले पर तीखा तंज कसा है. संजय निषाद ने कहा है कि, 'पता नहीं कौन सा सलाहकार रख लिया है... ऐसा कोई अच्छा सलाहकार ढूंढें, अच्छी सीट ढूंढें.' निषाद का साफ तौर पर मानना है कि अगर अतरौलिया सीट पर राजभर के बेटे चुनाव लड़ते हैं, तो वह चुनाव हार जाएंगे और फिर इसका ठीकरा बीजेपी या सहयोगी दलों के सिर पर फोड़ा जाएगा.
निषाद और राजभर का समीकरण
संजय निषाद के इस दावे के पीछे अतरौलिया सीट का जातीय समीकरण एक बड़ा कारण है. संजय निषाद का कहना है कि यह सीट निषाद बाहुल्य है और पिछली बार भी उनकी निषाद पार्टी (भोजन भरी थाली) यहां से चुनाव लड़ी थी. उन्होंने दावा किया है कि, 'अगर वहां निषाद पार्टी का टिकट कटा के... अगर आप जाते हैं, तो निषाद किस तरीके से वोट आपको देगा.' दूसरी तरफ, ओम प्रकाश राजभर लंबे समय से अतरौलिया में डेरा डाले हुए हैं और उनका मानना है कि वह राजभर समुदाय के साथ-साथ अन्य सभी जातियों को साधकर यह सीट जीतेंगे.
राजभर का 10 सीटों पर दावा
विवादों के बीच ओम प्रकाश राजभर ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अतरौलिया में रहकर सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि आजमगढ़ की सभी 10 सीटों पर सपा को हराने की तैयारी कर रहे हैं. राजभर ने कहा है कि, 'आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी का गढ़ मतलब यादव और मुसलमान... मैं कहता हूं सभी जातियों का गढ़ है.' राजभर खुद जहूराबाद से लड़ने की बात कह रहे हैं, लेकिन उनकी पूरी निगाहें अतरौलिया पर टिकी हैं.
सपा का राजभर पर तंज
इस पूरी खींचतान के बीच समाजवादी पार्टी भी ओम प्रकाश राजभर पर मजे ले रही है. घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने राजभर और उनके बेटों पर तंज कसते हुए कहा है कि, 'तीन सीटें मिल जाएं और एक भी जीत जाएं तो बहुत बड़ी बात होगी.' राजीव राय ने याद दिलाया कि राजभर के बड़े बेटे अरविंद राजभर बांसडीह, बनारस और घोसी से चुनाव हार चुके हैं. राजीव राय ने राजभर को जहूराबाद में भी हराने की खुली चुनौती दी है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए गठबंधन में अतरौलिया सीट आखिर किसके खाते में जाती है.
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