Etawah Dowry Death Case: उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. आगरा के एक छोटे से गांव से महज 3 महीने पहले ही इटावा में कांग्रेस नेता सचिन के घर ब्याही गई मोना की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है. मृतक मोना के पिता नहीं हैं, इसके बावजूद परिवार ने खेत बेचकर उसकी शादी में 20 लाख रुपये और एक कार दहेज में दी थी. अब परिवार ने अपनी बेटी की मौत का सीधा आरोप उसके पति सचिन और ससुराल वालों पर लगाया है. इस घटना के बाद मोना के परिवार में कोहराम मच गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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दहेज के लिए करते थे प्रताड़ित
मोना के परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे. मोना के चाचा ने बताया है कि उन्होंने शादी में कार, जेवरात और सारा जरूरी सामान दिया था, लेकिन ससुराल वाले कैश में कुछ कमी रह जाने के कारण उनकी बेटी को ताने मारते थे. परिजनों का आरोप है कि मोना की एडवोकेट सास हंसमुखी और कांग्रेसी नेता पति सचिन उसे सबसे ज्यादा प्रताड़ित करते थे. इसके अलावा, उसे यह भी ताना मारा जाता था कि उसका पिता नहीं है और उसे उसके भाई को भी मरवा देने की लगातार धमकियां दी जाती थीं.
लाश छोड़कर भागे ससुराल वाले
मोना की मौत की खबर उसके परिवार के लिए एक बड़ा सदमा बनकर आई थी. मंगलवार शाम को परिवार को फोन आया था कि मोना की तबीयत खराब है, लेकिन 10 मिनट बाद ही बताया गया कि वह मर गई है. जब मोना की मौसी और अन्य परिजन अस्पताल और उसके घर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर वे हैरान रह गए थे. मोना की लाश घर में अकेली पड़ी हुई थी और पूरा ससुराल परिवार उसे उसी हालत में छोड़कर मौके से फरार हो चुका था.
5 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है. इटावा पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया है कि मृतका के परिजनों की शिकायत के आधार पर देर रात उसके पति, सास, ससुर और 2 अन्य लोगों सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने मोना के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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