वृंदावन में दर्शन के लिए आए अभिज्ञान गुप्ता की करंट लगने से मौत, अस्पताल में पिता का बेटे की लाश को दुलारते हुए वीडियो देख भावुक हुए लोग...

Vrindavan News: वृंदावन में एक दर्दनाक हादसे में श्रद्धालु अभिज्ञान गुप्ता की करंट लगने से मौत हो गई, जब वह मंदिर परिसर के बाहर लगे वाटर स्प्रे कूलर के संपर्क में आए.

यूपी तक

• 11:34 AM • 16 Jun 2026

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Vrindavan News: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है. दर्शन करने आए एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल में उसके पिता की टूटती हुई आवाजें हर किसी को भावुक कर गईं. यह घटना न केवल एक परिवार के लिए सदमे का कारण बनी, बल्कि मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई है.

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आस्था की यात्रा जो बन गई मातम

छतरपुर के रहने वाले अभिज्ञान गुप्ता अपने पिता के साथ वृंदावन मंदिर दर्शन के लिए आए थे. पिता और बेटा दोनों पूरी श्रद्धा के साथ मंदिर पहुंचे थे और सामान्य दिन की तरह पूजा-अर्चना कर वापस लौटने की योजना थी. लेकिन किसी को यह अंदेशा नहीं था कि यह धार्मिक यात्रा परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगी.

वाटर कूलर में था करंट

जानकारी के अनुसार मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वाटर स्प्रे कूलर लगाया गया था ताकि गर्मी से राहत मिल सके. इसी दौरान अचानक उस कूलर में करंट आ गया. अभिज्ञान जब पानी लेने या कूलर का उपयोग करने पहुंचे तभी वे करंट की चपेट में आ गए. मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अस्पताल पहुंचने तक हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद अभिज्ञान को मृत घोषित कर दिया. इस खबर के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. सबसे दर्दनाक दृश्य वह था जब पिता अपने बेटे को अस्पताल में देखकर बार-बार उसे जगाने की कोशिश कर रहे थे.

अस्पताल परिसर में पिता अपने बेटे के पास जाकर बार-बार यही कह रहे थे कि भैया उठो, देखो पापा बुला रहे हैं… उठ जाओ भैया. यह शब्द किसी सामान्य आवाज नहीं थे, बल्कि एक पिता की टूटती उम्मीदें थीं. वह यह मानने को तैयार ही नहीं थे कि कुछ देर पहले जो बेटा उनके साथ था, अब इस दुनिया में नहीं रहा.

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं बल्कि एक बड़ा सवाल भी छोड़ गई है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए उपकरण अगर समय पर जांचे-परखे न जाएं तो वही सुविधाएं जानलेवा बन सकती हैं. मंदिर जैसे आस्था के केंद्रों में आने वाले लोग सुरक्षा की उम्मीद लेकर आते हैं, खतरे की नहीं.