Hardoi Politics: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष शराफत अली का एक स्टिंग वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पार्टी के भीतर एक बड़ा सियासी भूचाल खड़ा कर दिया है. इस कथित वीडियो में शराफत अली अपनी ही पार्टी की दो कद्दावर और वरिष्ठ महिला नेताओं— पूर्व सांसद उषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी (जो रिश्ते में देवरानी-जेठानी हैं) के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस विवाद के सामने आने के बाद महिला नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव से जिलाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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महिला नेताओं का फूटा गुस्सा, बीजेपी ने सपा को घेरा
हरदोई लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रहीं उषा वर्मा और 2 बार विधायक रहीं राजेश्वरी देवी ने इस अमर्यादित टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया है. राजेश्वरी देवी का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के प्रति इस तरह की व्यक्तिगत और अभद्र टिप्पणी करना जिलाध्यक्ष की घटिया मानसिकता को दर्शाता है. इस विवाद के तूल पकड़ते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी महिला अस्मिता के मुद्दे पर सपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजपा नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि जिस पार्टी के जिलाध्यक्ष अपनी ही पार्टी की महिला सांसद और विधायक के लिए ऐसी घटिया सोच रखते हैं, उस पार्टी का स्तर कितना नीचे गिर चुका है, यह पूरा देश देख रहा है.
शराफत अली की सफाई: 'कार्यकर्ता ने ब्लैकमेल कर एडिट किया वीडियो'
चारों तरफ से घिरने और बवाल बढ़ने के बाद सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने दावा किया कि उनका उषा वर्मा और राजेश्वरी देवी के परिवार से पुराना और घरेलू संबंध रहा है. शराफत अली ने आरोप लगाया कि यह पूरी साजिश राकेश (पार्टी की एक कार्यकर्ता ) की है, जो अपनी पत्नी को बड़े नेताओं की सूची में शामिल कराना चाहता था. जब जिलाध्यक्ष ने इससे इनकार किया तो राकेश उन्हें ब्लैकमेल करने लगा और फिर पार्टी से निकाले जाने पर बदला लेने के लिए उसने बातचीत के अंशों को काट-छांट कर (Edit) इस झूठे वीडियो को वायरल कर दिया. हालांकि, उन्होंने इस बात पर शर्मिंदगी भी जताई कि उनके पार्टी के बीच इस तरह की बात सामने आई है.
पासी समाज का बड़ा चेहरा हैं उषा और राजेश्वरी, चुनाव से पहले सपा के लिए चुनौती
उषा वर्मा और राजेश्वरी देवी दोनों हरदोई की राजनीति में पासी समाज का एक बेहद प्रमुख और प्रभावशाली चेहरा मानी जाती हैं. वे दिवंगत राजनेता परमाई लाल पासी की बहुएं हैं. उषा वर्मा प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं, जबकि राजेश्वरी देवी ने बीएसपी से शुरुआत कर 2012 में सांडी से सपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी. राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, आने वाले चुनावों में इन दोनों नेताओं को फिर से महत्वपूर्ण सीटों (जैसे सांडी विधानसभा) से उम्मीदवार बनाया जा सकता है. ऐसे में चुनावों से ठीक पहले पार्टी के जिलाध्यक्ष द्वारा अपनी ही पार्टी के बड़े चेहरों के खिलाफ इस तरह की विवादित टिप्पणी सपा संगठन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है.
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