Salim Vastik Bail: दिल्ली के गोकुलपुरी में 13 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या के 31 साल पुराने मामले में उम्रकैद की सजा पा चुका सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान 10 जून 2026 को तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आ गया है. जेल से रिहा होने के तुरंत बाद सलीम वास्तिक के सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह कट्टरपंथियों को खुलेआम चुनौती देते हुए दिख रहा है. साथ ही वह गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर पहुंचा, जहां शिव शक्ति धाम के पीठाधीश्वर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने उसे अपना समर्थन देते हुए 'शेर' बताया है.
ADVERTISEMENT
पहचान बदलकर काट रहा था 25 साल की फरारी, जानलेवा हमले के बाद खुला अतीत
इस पूरे मामले का इतिहास 20 जनवरी 1995 से जुड़ा है, जब दिल्ली के गोकुलपुरी से 13 वर्षीय संदीप बंसल का अपहरण कर फिरौती न मिलने पर उसकी हत्या कर दी गई थी. इस केस में साल 1997 में कोर्ट ने सलीम खान (वर्तमान में सलीम वास्तिक) को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद वह साल 2000 में जेल से बाहर आया और पहचान छिपाकर फरार हो गया. पिछले 25 वर्षों से वह फर्जी दस्तावेज बनाकर गाजियाबाद के लोनी में रह रहा था. हालांकि, 27 फरवरी 2026 को लोनी स्थित उसके ऑफिस में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने उस पर चाकू से जानलेवा हमला किया, जिसमें शामिल दो आरोपी जीशान और गुलफाम पुलिस एनकाउंटर में मारे गए थे. इस हमले के बाद जब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रिकॉर्ड खंगाले, तब जाकर उसकी असल पहचान का खुलासा हुआ और उसे गिरफ्तार किया गया.
रिहाई के बाद वीडियो जारी कर कट्टरपंथियों को दी खुली चुनौती
तिहाड़ जेल से 10 जून 2026 को जमानत मिलने के बाद सलीम वास्तिक ने सोशल मीडिया पर बैक-टू-बैक कई वीडियो जारी किए. एक वीडियो में वह सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कह रहा है, "हां भाई जिहादियों, जगह देख लो कौन सी है. तुम्हारा भाई बाहर आ गया है और अब तुम जैसे लोगों का इस्लाम खत्म करूंगा. मैं मुसलमानों को उस रास्ते से हटाकर पढ़ाई-लिखाई और तरक्की की तरफ लेकर जाऊंगा. उखाड़ सको तो आ जाना, मेरा खुला चैलेंज है." सजायाफ्ता आरोपी की जेल से बाहर आने के बाद इस तरह की बयानबाजी ने सोशल मीडिया से लेकर पुलिस महकमे तक हलचल तेज कर दी है.
डासना मंदिर पहुंचे सलीम, महंत यति नरसिंहानंद ने कहा— 'हमेशा देंगे साथ'
जेल से बाहर आने के बाद सलीम वास्तिक सीधे गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर पहुंचा, जहां के पीठाधीश्वर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के साथ उसका एक नया वीडियो सुर्खियों में है. वीडियो में महंत उसे गले लगाते हुए कह रहे हैं, "हमारा शेर, हमारा भाई सलीम वास्तिक आज मां और महादेव के चरणों में है. वह मौत और सारे षड्यंत्रों को हराकर फिर से पूरी मानवता के लिए लड़ने को तैयार है." महंत ने हिंदुओं से एक-दूसरे का साथ निभाने की अपील करते हुए साफ शब्दों में कहा कि दुनिया चाहे कोई भी स्थिति पैदा कर दे, लेकिन डासना धाम के लोग मां के इस शेर का साथ किसी भी परिस्थिति में नहीं छोड़ने वाले हैं.
ADVERTISEMENT









