Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर में यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक अभ्यर्थी को आधार कार्ड और शैक्षिक दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ कर परीक्षा देने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया. बायोमेट्रिक जांच के दौरान उसकी पहचान में गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया. भर्ती परीक्षा के दौरान बरती जा रही सख्ती और निगरानी के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में सख्ती के बीच सामने आया मामला
उत्तर प्रदेश में 32,679 सिपाही पदों के लिए भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जा रही है. परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए भर्ती बोर्ड, यूपी एसटीएफ और इंटेलिजेंस एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं. परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है. प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर अभ्यर्थी के साथ-साथ ड्यूटी पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
बायोमेट्रिक जांच में खुली फर्जीवाड़े की पोल
यह मामला मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित डीएवी डिग्री कॉलेज परीक्षा केंद्र का है. जानकारी के अनुसार बुलंदशहर निवासी गजेंद्र शर्मा परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुंचा था. प्रारंभिक जांच में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे ही उसकी बायोमेट्रिक जांच की गई, उसकी पहचान को लेकर संदेह पैदा हो गया. जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर आधार कार्ड और 10वीं की मार्कशीट में बदलाव कर परीक्षा के लिए आवेदन किया था.
बताया जा रहा है कि आरोपी ने दस्तावेजों में अपना नाम और जन्मतिथि बदलकर खुद को परीक्षा के लिए योग्य दिखाने की कोशिश की थी. हालांकि, बायोमेट्रिक सिस्टम ने उसकी असली पहचान उजागर कर दी और वह परीक्षा में शामिल होने से पहले ही पकड़ा गया.
प्रिंसिपल की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
घटना सामने आने के बाद डीएवी डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल ने मामले की लिखित शिकायत सिविल लाइन थाने में दी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी गजेंद्र शर्मा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
उम्र सीमा पार होने पर किया फर्जीवाड़ा?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी की उम्र भर्ती परीक्षा की निर्धारित सीमा से अधिक हो चुकी थी. इसी वजह से उसने कथित तौर पर अपनी उम्र कम दिखाने के लिए 10वीं के प्रमाणपत्र में छेड़छाड़ की. साथ ही आधार कार्ड में भी नाम और जन्मतिथि बदलकर परीक्षा के लिए आवेदन किया गया था.
ASP ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दूसरे दिन शाम की पाली में यह मामला सामने आया. एएसपी सिद्धार्थ के अनुसार, बायोमेट्रिक जांच के दौरान अभ्यर्थी की पहचान गलत पाई गई. जांच में दस्तावेजों में हेरफेर की बात सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की गई. पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी.
भर्ती परीक्षा में बढ़ी निगरानी
गौरतलब है कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान कई जगहों से गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की कोशिशों के मामले सामने आए हैं. ऐसे में भर्ती बोर्ड और प्रशासन परीक्षा को पूरी निष्पक्षता से संपन्न कराने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को गलत तरीके से फायदा न मिल सके.
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