Pilibhit Rape Case: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक खौफनाक घटना सामने आई है. यहां एक 68 साल के बुजुर्ग मोहम्मद उमर ने 9 साल की एक मासूम बच्ची को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया है. इस घिनौनी वारदात का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद हिंदू संगठनों और आम जनता में भारी आक्रोश है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, साथ ही उसके अवैध मकान पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है.
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9 साल की मासूम से हैवानियत
14 जून की शाम बाजार से एक 9 साल की मासूम अचानक लापता हो गई थी. गायब होने के 2 दिन बाद 16 जून को जब बच्ची अपने घर पहुंची, तो उसने परिवार वालों को अपनी आपबीती सुनाई थी. बच्ची ने बताया कि उसके परिवार की जान-पहचान के ही 68 वर्षीय मोहम्मद उमर ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया है. बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भी कई बार ऐसी घिनौनी हरकतें कर चुका है और एक बार उसका मुंह काला करके गांव में भी घुमाया जा चुका है.
हिंदू संगठनों में दिखा भारी आक्रोश
इस जघन्य अपराध की खबर फैलते ही हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा था. हिंदू संगठन ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी. दल के एक सदस्य ने आक्रोश जताते हुए कहा था कि, 'अगर इस व्यक्ति का एनकाउंटर नहीं करा गया तो पूरे भारत की राष्ट्रीय हनुमान दल की टीमें पीलीभीत में आकर धरना प्रदर्शन करेगी.'
आरोपी के घर पर चला बुलडोजर
मामले की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है. पुलिस ने फौरन मुकदमा दर्ज कर मंगलवार रात को आरोपी मोहम्मद उमर को दबोच लिया था. इसके बाद महज 24 घंटे के अंदर प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने आरोपी के 110 गज के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे मलबे में तब्दील कर दिया है. पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी फूट-फूट कर रोता और गिड़गिड़ाता हुआ नजर आया है.
फांसी तक की सजा का प्रावधान
पुलिस ने आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद सलाखों के पीछे भेज दिया है. पुलिस अधिकारी ने बताया है कि, 'इन धाराओं में बहुत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, इसमें कम से कम 20 साल और फांसी तक की सजा है.' इसके अलावा, पुलिस उस शख्स की तलाश कर रही है जिसने इस पूरी वारदात का वीडियो बनाकर उसे वायरल किया है. प्रशासन ने पीड़ित बच्ची की आगे की पढ़ाई और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी भी ले ली है.
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