लोला के मोबाइल में मिलीं विदेशी महिलाओं की तस्वीरें, 'क्लीनचिट' पाने वाले डॉ विवेक को लखनऊ पुलिस ने फिर पकड़ा!

आशीष श्रीवास्तव

• 12:37 PM • 14 Aug 2026

Lucknow News: उज्बेकिस्तान की महिला लोला के मामले में डॉ. विवेक गुप्ता को दोबारा हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पहले उन्हें क्लीनचिट क्यों मिली थी और अब कार्रवाई क्यों हुई?

File Photo: Lola

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Lucknow News: उज्बेकिस्तान की महिला लोला के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता की भूमिका को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं. जून 2025 में दर्ज एफआईआर में विवेक गुप्ता का नाम आरोपी के तौर पर शामिल किया गया था. उन पर आरोप था कि एक विदेशी नागरिक की सर्जरी किए जाने की जानकारी स्थानीय पुलिस, प्रशासन या एफआरआरओ को नहीं दी गई. हालांकि, विवेचना के दौरान पुलिस ने उनका नाम मामले से हटा दिया और उन्हें क्लीनचिट देते हुए चार्जशीट से बाहर कर दिया.

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अब लोला के दोबारा पकड़े जाने के बाद पुलिस ने डॉ. विवेक गुप्ता को फिर हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब पिछली विवेचना में डॉक्टर को क्लीनचिट मिल चुकी थी, तो अब दोबारा उनसे पूछताछ की जरूरत क्यों पड़ी? इस कार्रवाई ने पिछली जांच और पुलिस की विवेचना की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

होलिडा और नीलोफर ने भी डॉक्टर का लिया था नाम

करीब एक साल पहले पकड़ी गईं उज्बेकिस्तान की महिलाओं होलिडा और नीलोफर ने भी पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि उनकी सर्जरी डॉ. विवेक गुप्ता ने की थी. दोनों के मुताबिक, सर्जरी के लिए डॉक्टर ने उनसे कोई दस्तावेज नहीं मांगा था. उन्होंने पुलिस को यह भी बताया था कि विवेक अहिमामऊ और पत्रकारपुरम में मिनर्वा क्लीनिक चलाते हैं.

उस समय तत्कालीन डीसीपी निपुण अग्रवाल ने कहा था कि विवेक और उनके साथी त्रिजिन राज ने विदेशी महिलाओं को ओमेक्स आर-1 के फ्लैट नंबर 104 और 1103 में कथित तौर पर अवैध रूप से ठहराया था.

2023 में उज्बेकिस्तान लौटने के लिए किया था आवेदन

जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि लोला ने साल 2023 में दिल्ली स्थित उज्बेकिस्तान दूतावास में वापस उज्बेकिस्तान जाने के लिए आवेदन किया था. उसे भारत से लौटने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था, लेकिन समय सीमा पूरी होने के बाद भी वह वापस नहीं गई.

पुलिस को लोला के मोबाइल फोन से कई विदेशी महिलाओं की तस्वीरें भी मिली हैं. बताया गया है कि इन तस्वीरों को कथित तौर पर ग्राहकों को भेजा जाता था. इस जानकारी के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है.

फॉर्म-सी के जरिए सामने आया लोला का मामला

नियमों के तहत किसी विदेशी नागरिक के भारत में ठहरने या इलाज कराने जैसी गतिविधियों की जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने में फॉर्म-सी की प्रक्रिया अहम है. इसी प्रक्रिया के तहत लोला का मामला भी सामने आया.

उज्बेकिस्तान की रहने वाली लोला की दोस्त उमिदा मंगलवार को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल पहुंची थी. अस्पताल प्रबंधन ने फॉर्म-सी के जरिए पुलिस, खुफिया एजेंसी और एफआरआरओ को इसकी जानकारी दी. इसके बाद एफआरआरओ और पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची. वहां उमिदा के साथ लोला भी मिली.

लोला ने शादी का किया दावा, उमिदा को भेजा गया वापस

पूछताछ के दौरान लोला ने पुलिस को बताया कि वह ओमेक्स में ही रह रही थी और उसने भरत प्रताप नाम के व्यक्ति से शादी कर ली है. वहीं उमिदा मेडिकल वीजा पर भारत आई थी और उसे वापस भेज दिया गया.

अब लोला की दोबारा गिरफ्तारी के बाद डॉ. विवेक गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने से पिछली विवेचना पर सवाल खड़े हो गए हैं. खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि जिस डॉक्टर को पहले जांच के दौरान क्लीनचिट देकर चार्जशीट से बाहर कर दिया गया था, उससे अब दोबारा पूछताछ की वजह क्या है.

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