उज्बेकिस्तान और नेपाल से महिलाएं बुलाकर चलाती थी सेक्स रैकेट, लोला क्यूमोवा का काला चिठ्ठा आया सामने!

अंकित मिश्रा

• 03:33 PM • 13 Aug 2026

Lucknow Crime News: लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और FRRO ने उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, वह अवैध रूप से रह रही थी और कई राज्यों में सेक्स रैकेट नेटवर्क चलाने का आरोप है.

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Lucknow Crime News: लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस और एफआरआरओ (FRRO) की संयुक्त टीम ने उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा (45) को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, लोला पिछले करीब एक साल से भारत में अवैध तरीके से रह रही थी. उस पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फैले हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का नेटवर्क चलाने का आरोप है. गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है.

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विदेशी महिला के इलाज से खुला मामला

मामला 7 अगस्त को सामने आया. तुर्कमेनिस्तान की एक महिला इलाज के लिए लखनऊ के मिनर्वा क्लिनिक पहुंची थी. नए नियमों के तहत किसी विदेशी नागरिक के इलाज की जानकारी एफआरआरओ को देना अनिवार्य है. इलाज के लिए पहुंची महिला के साथ लोला ने रेफरेंस के तौर पर अपना भारतीय पहचान पत्र यानी आधार कार्ड लगाया था. क्लिनिक स्टाफ को इस पर संदेह हुआ और उन्होंने इसकी जानकारी एफआरआरओ को दी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोला को हिरासत में ले लिया.

वीजा-पासपोर्ट एक्सपायर, भारतीय दस्तावेज बनवाने का दावा

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि लोला का वीजा और पासपोर्ट काफी पहले एक्सपायर हो चुका था. पुलिस के मुताबिक, भारत में रहने के लिए लोला ने जनक प्रताप सिंह नाम के व्यक्ति से शादी का दावा किया और इसके आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे भारतीय दस्तावेज बनवा लिए.

हालांकि, पुलिस की जांच में कथित पति का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. लोला का दावा है कि वह दो महीने पहले उसे छोड़कर चला गया. पुलिस अब उसके दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्हें कैसे तैयार कराया गया और इसमें किसी सरकारी मिलीभगत की भूमिका थी या नहीं.

दूसरे राज्यों तक नेटवर्क फैलाने का आरोप

डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक के मुताबिक, लोला मूल रूप से उज्बेकिस्तान के ताशकंद की रहने वाली है. पुलिस को जांच के दौरान उसके पास से कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. पुलिस के अनुसार, इन सबूतों से संकेत मिलता है कि लोला का नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि दूसरे राज्यों में भी उसकी अवैध गतिविधियां और सेक्स रैकेट का नेटवर्क फैला हुआ था. लखनऊ में उसके राजाजीपुरम और सुशांत गोल्फ सिटी के दो अलग-अलग पते भी सामने आए हैं.

डॉक्टर ने अपनी भूमिका पर दी सफाई

लोला की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में प्लास्टिक सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता का नाम भी चर्चा में आया है. करीब एक साल पहले ओमेक्स हजरतगंज अपार्टमेंट में सेक्स रैकेट के खुलासे के दौरान भी उनका नाम सामने आया था. डॉ. विवेक गुप्ता ने अपनी भूमिका को लेकर सफाई दी है. उनका कहना है कि लोला उनके पास केवल लेजर टैटू रिमूवल और सांस की समस्या के चलते नाक की सेप्टो राइनोप्लास्टी कराने आई थी.

उन्होंने चेहरे का हुलिया बदलने या प्राइवेट पार्ट की सर्जरी से जुड़े आरोपों को पूरी तरह गलत और वैज्ञानिक रूप से असंभव बताया. डॉक्टर ने यह भी कहा कि विदेशी नागरिकों के इलाज की प्रक्रिया और एफआरआरओ पोर्टल से जुड़े जटिल नियमों को लेकर डॉक्टरों के बीच जागरूकता की कमी है.

उज्बेकिस्तान और नेपाल से महिलाओं को लाने का आरोप

जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, लोला पर उज्बेकिस्तान और नेपाल से महिलाओं को लखनऊ लाने का आरोप है. दावा है कि इसके बाद एक डॉक्टर की मदद से उनकी प्लास्टिक सर्जरी कराकर हुलिया बदल दिया जाता था. इसके बाद महिलाओं को पॉश इलाकों के फ्लैटों में रखा जाता था और वहां देह व्यापार कराया जाता था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, लोला के खिलाफ उज्बेकिस्तान में भी लुकआउट नोटिस जारी है. पुलिस के अनुसार, उसके नेपाल और उज्बेकिस्तान के गिरोहों से भी संपर्क थे. फिलहाल एजेंसियां उसके संपर्कों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं.

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