उत्तर प्रदेश में महिलाओं को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने वाली योगी सरकार की प्रस्तावित योजना की चर्चा के बीच समाजवादी पार्टी की मैनपुरी सांसद डिंपल यादव का बयान सामने आया है. डिंपल यादव ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी योजना की चर्चा सुनने को मिल रही है. डिंपल यादव ने बिहार और महाराष्ट्र में चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में पैसे पहुंचाने का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी इस तरह की स्थिति के लिए तैयार है, लेकिन वह इसका स्वागत नहीं करती.
ADVERTISEMENT
डिंपल यादव ने कहा कि सरकार को अपना काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले लोगों के खातों में पैसे डालकर उनके 'कॉन्शियस को खरीदने' की कोशिश से वह सहमत नहीं हैं.
'हम इस बात के लिए तैयार हैं, लेकिन वेलकम नहीं करते'
डिंपल यादव से यूपी में महिलाओं को 50 हजार रुपये देने वाली योजना की चर्चा को लेकर सवाल किया गया. इसके जवाब में डिंपल ने कहा कि उन्होंने बिहार में भी देखा कि चुनाव से पहले सरकार ने महिलाओं के खातों में पैसे पहुंचाने का काम किया. महाराष्ट्र में भी ऐसा हुआ.
डिंपल यादव ने कहा, "हम इसके लिए तैयार हैं... हम इसका बिल्कुल वेलकम नहीं करते हैं. चुनाव से पहले खाते में पैसे डालकर आप उनके कॉन्शियस को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं." डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस बात से सहमत नहीं है और सरकार को अपना काम करना चाहिए.
'बीजेपी को 10 साल का हिसाब देना है'
डिंपल यादव ने अपने बयान में बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को पिछले 10 साल का हिसाब देना है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति देखनी चाहिए. मैनपुरी सांसद ने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि आज बच्चों के लिए सरकारी नौकरी नहीं हैं."
PDA और आरक्षण का भी उठाया मुद्दा
मैनपुरी सांसद ने PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि PDA के पिछड़ों और दलितों को जो आरक्षण मिलना चाहिए, वह आरक्षण नहीं है. डिंपल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 साल में जो घटनाएं हुई हैं, उनका बीजेपी को पूरा हिसाब देना है.
क्या है महिलाओं को ₹50 हजार देने का प्रस्ताव?
दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता वाली योगी सरकार की प्रस्तावित योजना की चर्चा है. आपको स्पष्ट बता दें कि अभी इस योजना पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
चर्चा है कि मंजूरी मिलने पर चुनाव से पहले पात्र महिलाओं को 20 हजार रुपये की पहली किस्त दी जा सकती है. इसके बाद 10-10 हजार रुपये की तीन और किस्तों के जरिए कुल सहायता 50 हजार रुपये तक पहुंचाने का प्रस्ताव विचाराधीन बताया जा रहा है.
प्रस्तावित योजना में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता देने की संभावना है. SC, ST, BPL और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को इसमें शामिल करने पर विचार की चर्चा है. इसके अलावा 12 लाख रुपये तक सालाना आय वाले परिवारों की महिलाओं को भी दायरे में लाने की संभावना बताई जा रही है. हालांकि, अंतिम पात्रता अभी तय नहीं है. फिलहाल 50 हजार रुपये की यह योजना प्रस्तावित है और सरकार की ओर से इसका अंतिम ऐलान नहीं हुआ है.
दिल्ली से पियूष मिश्रा के इनपुट्स के साथ
ADVERTISEMENT











