'उस बहस में...' आकाश आनंद के 'अंकल' वाले बयान पर आ गया अखिलेश का रिएक्शन

यूपी तक

• 01:07 PM • 11 Aug 2026

बसपा नेता आकाश आनंद के ‘अंकल’ वाले तंज पर अखिलेश यादव ने सीधे जवाब देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस बहस में नहीं उलझना चाहिए और बातचीत को शिक्षा, परीक्षाओं, युवाओं, अयोध्या और सरकार की कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों की ओर मोड़ दिया.

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Akhilesh Yadav on Akash Anand: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. बसपा नेता आकाश आनंद ने हाल ही में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को ‘अंकल’ कहकर तंज किया था. आकाश आनंद ने कहा था कि वे 30 साल के हैं, जबकि अखिलेश यादव 50 के हैं, इसलिए वह उन्हें ‘भैया’ नहीं बल्कि ‘अंकल’ कहते हैं.

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अब अखिलेश यादव ने आकाश आनंद के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी है. जब उनसे पूछा गया कि आकाश आनंद आपको ‘अंकल’ कह रहे हैं, तो अखिलेश ने सीधे इस बहस में पड़ने से इनकार किया, लेकिन इसके बाद उन्होंने जो बात कही, उसने यूपी की सियासत के दूसरे मुद्दों को भी जोड़ दिया.

‘उस बहस में हम और आप न उलझें’

अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि आकाश आनंद उन्हें ‘अंकल’ कह रहे हैं और कह रहे हैं कि ‘मैं 30 का हूं, आप 50 के हैं’, तो अखिलेश यादव ने कहा, “ऐसा है... उस बहस में हम और आप न उलझें.”

उन्होंने कहा कि असली और गंभीर मुद्दा कुछ और है. इसके बाद अखिलेश ने शिक्षा, परीक्षाओं, युवाओं और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए. यहीं से अखिलेश यादव ने बातचीत को आकाश आनंद के बयान से हटाकर सीधे भाजपा और सरकार पर निशाना साधने की तरफ मोड़ दिया.

शिक्षा-परीक्षा से लेकर अयोध्या तक का जिक्र

अखिलेश यादव ने कहा कि अगर शिक्षा और परीक्षा के जरिए काम नहीं हो पा रहा है तो अयोध्या से काम चल सकता है. उन्होंने अयोध्या से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें और जनता को पता है कि बोरे भरकर कहां गए थे और कंडों में पैसे निकले थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने के लिए काफी साजिश की गई थी. अखिलेश ने एक दिन में किए गए कॉल का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि क्या इतने कॉल एक दिन में संभव हैं और सरकार को इसकी जानकारी न हो.

अखिलेश के इस बयान से साफ है कि वह ‘अंकल’ वाले सवाल पर जवाब देने के बजाय बातचीत को उन मुद्दों की तरफ ले गए, जिन्हें समाजवादी पार्टी लंबे समय से भाजपा के खिलाफ उठाती रही है.

‘छात्रों का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है’

अखिलेश यादव ने छात्र और नौजवानों से जुड़े एक और मुद्दे का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उन्हें सुनने में आया है कि यहां जो छात्र और नौजवान आए थे, नेटवर्क के जरिए उनका डाटा इकट्ठा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार पता नहीं क्या करे. अखिलेश ने शिक्षा, परीक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताया.

‘भाजपा और संघी साथी एक सिक्के के दो पहलू’

इसके बाद अखिलेश यादव ने BJP और RSS से जुड़े लोगों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये दोनों मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इसे “एक सिक्के के दो पहलू” की तरह समझा जा सकता है. अखिलेश ने कहा कि BJP और उसके ‘संघी साथी’ दोनों इस मुद्दे से जुड़े हुए लोग हैं.

फिर प्रभु श्रीराम का जिक्र क्यों?

अखिलेश यादव ने अपनी बात में प्रभु श्रीराम का भी जिक्र किया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रभु श्रीराम को आगे नहीं बैठाया जा रहा है तो बताइए कि प्रभु श्रीराम का स्थान क्या होना चाहिए.

उन्होंने कहा, “अगर मैं सामान्य और आपसे एक सवाल करूं कि प्रभु श्रीराम का स्थान कौन-सा होना चाहिए?”

अखिलेश यादव के इस जवाब ने बातचीत का पूरा रुख बदल दिया. सवाल आकाश आनंद के ‘अंकल’ वाले तंज से शुरू हुआ था, लेकिन अखिलेश ने जवाब देते हुए शिक्षा, परीक्षा, युवाओं, अयोध्या और प्रभु श्रीराम के मुद्दे तक बात पहुंचा दी.