उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं. अखिलेश यादव लगातार PDA के जरिए सत्ता परिवर्तन का दावा कर रहे हैं, जबकि भाजपा की नजर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने पर है. चुनाव में अभी समय है, लेकिन अलग-अलग सर्वे और चुनावी आकलन से तस्वीर समझने की कोशिश शुरू हो गई है.
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इसी बीच न्यूज लीडर और मैटराइज के सर्वे में अवध क्षेत्र की 118 विधानसभा सीटों का अनुमान सामने आया है. सर्वे के मुताबिक NDA को 77 सीटें, INDIA गठबंधन को 40 सीटें और बसपा को एक सीट मिल सकती है.
इस पूरे आंकड़े में अयोध्या की पांच विधानसभा सीटें खास हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद की जीत के बाद अयोध्या राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गई थी. अब सवाल है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जिले की पांच सीटों पर क्या तस्वीर बनती है.
रुदौली में भाजपा के पक्ष में अनुमान
अयोध्या जिले की रुदौली सीट पर सर्वे में भाजपा के पक्ष में अनुमान जताया गया है. 2022 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट से भाजपा के रामचंद्र यादव जीते थे. सर्वे का अनुमान मौजूदा राजनीतिक स्थिति में यहां भाजपा के कब्जे को बरकरार रखता दिखता है.
मिल्कीपुर में बदल सकता है समीकरण
मिल्कीपुर विधानसभा सीट इस समय अयोध्या जिले की सबसे ज्यादा चर्चा वाली सीटों में है. 2022 में समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद यहां से विधायक बने थे. 2024 में लोकसभा चुनाव के लिए सपा ने उन्हें फैजाबाद सीट से उतारा और उन्होंने जीत दर्ज की.
इसके बाद मिल्कीपुर सीट खाली हुई और उपचुनाव में भाजपा के चंद्रभानु पासवान ने जीत दर्ज की. अब 2027 को लेकर सामने आए सर्वे में सपा की वापसी का अनुमान जताया गया है. उपचुनाव के नतीजे से अलग इस सर्वे में मिल्कीपुर फिर सपा के खाते में जाती दिखाई गई है.
बीकापुर में भाजपा को झटका?
बीकापुर सीट पर भी सर्वे का अनुमान भाजपा के लिए अलग तस्वीर पेश करता है. 2022 में यहां भाजपा को जीत मिली थी, लेकिन न्यूज लीडर-मैटराइज के अनुमान में 2027 के लिए इस सीट पर समाजवादी पार्टी की जीत की संभावना बताई गई है. अयोध्या जिले की पांच सीटों में यह दूसरी सीट होगी, जहां सर्वे के मुताबिक पिछला विधानसभा चुनाव परिणाम बदल सकता है.
गोसाईगंज में अभय सिंह का क्या होगा?
गोसाईगंज सीट भी अयोध्या की चर्चित सीटों में है. 2022 में यहां से समाजवादी पार्टी के टिकट पर अभय सिंह विधायक बने थे. बाद में उनके राजनीतिक रुख को लेकर सपा नेतृत्व से उनके रिश्ते बिगड़े और पार्टी ने उन्हें अलग कर दिया.
2027 में इस सीट पर उम्मीदवार को लेकर भी चर्चा है. खास तौर पर सवाल उठता रहा है कि अगर अभय सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं तो क्या तस्वीर बनेगी. हालांकि उम्मीदवारों को लेकर अभी अंतिम स्थिति नहीं है. सर्वे के अनुमान में गोसाईगंज सीट भाजपा के खाते में जाती दिखाई गई है.
अयोध्या सीट पर भाजपा का कब्जा बरकरार?
अब बात अयोध्या विधानसभा सीट की... राम मंदिर निर्माण के बाद यह सीट देशभर की राजनीति में चर्चा में रही है. 2022 में यहां भाजपा के वेद प्रकाश गुप्ता विधायक बने थे.
न्यूज लीडर और मैटराइज के सर्वे में 2027 के लिए भी अयोध्या सीट भाजपा के पक्ष में जाती दिखाई गई है. जिले की पांच विधानसभा सीटों में सर्वे के मुताबिक भाजपा को रुदौली, गोसाईगंज और अयोध्या में बढ़त का अनुमान है, जबकि मिल्कीपुर और बीकापुर में सपा की वापसी का अनुमान लगाया गया है.
अयोध्या की पांच सीटों का अनुमान फिलहाल एक सर्वे पर आधारित है. चुनाव अभी दूर है और उम्मीदवार, गठबंधन, स्थानीय मुद्दे और चुनावी माहौल आगे बदल सकते हैं. इसलिए इन आंकड़ों को चुनाव का अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता.
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