लखनऊ के विकास नगर में बुधवार को झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया. आग इतनी भयावह थी कि एक के बाद एक 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर फटने के धमाकों से पूरा इलाका दहल उठा. आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती थीं. मौके पर पहुंचीं फायर ब्रिगेड की 20 से जयदा गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद देर रात तक आग पर काबू पाया.
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खुद को बचाने के लिए लोगों ने अपनाई ये तरकीब
आग के दौरान चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों ने अपनी जान और माल बचाने के लिए सूझबूझ दिखाई. जैसे ही सिलेंडर फटने शुरू हुए, बस्ती के लोगों ने अपने घरों के सिलेंडर उठाकर पास की नालियों में फेंक दिए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर, डीएम और डीजी फायर सहित तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की बिजली सप्लाई काट दी गई ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो. मौके पर 10 से अधिक एंबुलेंस तैनात की गईं और घायलों को तत्काल अस्पताल भेजने के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है.
डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश
प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और आग पर पूरी तरह काबू पाना है. कर्मचारी झोपड़ियों के अंदर जाकर फंसे हुए लोगों को निकाल रहे हैं. घायलों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है. घटना कैसे हुई, इसके जांच के आदेश दे दिए गए हैं."
पीड़ितों ने जताई साजिश की आशंका!
हादसे के बाद प्रभावित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है. कुछ स्थानीय लोगों ने इस आगजनी को संदिग्ध बताते हुए साजिश की आशंका जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है. फिलहाल, अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं, जिसके बाद ही हताहतों की सही संख्या और आर्थिक नुकसान का स्पष्ट पता चल पाएगा.
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