लखनऊ के इब्राहिमगंज गांव में एक बहू ने अपने प्रेमी (जो रिश्ते में उसका भांजा लगता है) के साथ मिलकर सास की हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है और शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या की एक नाकाम कोशिश के बाद दूसरी बार रोटी में जहर मिलाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया. इस सनसनीखेज खुलासे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है.
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10 दिन पहले चाय में जहर, फिर रोटी में दिया जहर
मृतका शांति देवी के बेटे मनोज रावत के अनुसार, उनकी मां की मौत कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी. आरोपी बहू शालिनी ने 10 दिन पहले अपनी सास को चाय में जहर देकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन स्वाद खराब होने के कारण शांति देवी ने चाय फेंक दी और उनकी जान बच गई.
इसके बाद 5 अप्रैल को शालिनी ने रोटी में कीटनाशक (पाउडर जहर) मिला दिया. रोटी खाते ही शांति देवी की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई.
'कड़वी रोटी' ने सामने लाई शालनी की सच्चाई
शुरुआत में परिवार ने इसे स्वाभाविक मौत मानकर शव दफना दिया था. लेकिन घर में पन्नी में लिपटी एक संदिग्ध 'कड़वी रोटी' मिलने से शक गहरा गया. जब घर में पंचायत बुलाई गई, तो एक रिश्तेदार ने खुलासा किया कि शालिनी ने पहले भी कीटनाशक मंगवाया था. सख्ती से पूछताछ करने पर शालिनी टूट गई और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
मामी-भांजे के अवैध संबंधों का विरोध बनी वजह
जांच में सामने आया कि शालिनी का भांजा करण कुछ समय पहले ही इराक से लौटकर आया था. इस दौरान मामी और भांजे के बीच अवैध संबंध बन गए. सास शांति देवी को इस रिश्ते की भनक लग गई थी और उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. इसी विरोध के चलते शालिनी और करण ने मिलकर शांति देवी को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
फरार आरोपी की तलाश जारी
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि मनोज की तहरीर पर शालिनी और करण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. प्रशासन की अनुमति के बाद शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. फिलहाल पुलिस फरार भांजे करण की तलाश में जुटी है.
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