जेल भेजे जाने से पहले पिता को मारने वाला अक्षत बहन से लिपटकर खूब रोया, फिर उसने कृति से कही ये बात

Lucknow Crime News: लखनऊ के आशियाना में बेटे ने पिता की हत्या कर शव के 6 टुकड़े किए. इंटरनेट पर लाश सुरक्षित रखने का तरीका खोजा और ऑनलाइन आरी मंगवाई. आरोपी अक्षत को जेल भेजा गया.

Manvendra Singh and Akshat Singh

समर्थ श्रीवास्तव

26 Feb 2026 (अपडेटेड: 26 Feb 2026, 05:03 PM)

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Lucknow Crime News: लखनऊ के आशियाना के बंगला बाजार में 19 फरवरी को अक्षत ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की उनके घर की तीसरी मंजिल पर लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी. आक्रोश में आकर अक्षत ने पिता का सिर उड़ा दिया और फिर सबूत मिटाने के लिए शव के साथ जो किया उसने सबको दहला दिया है. अक्षत ने हत्या के बाद पिता के शव के करीब 6 टुकड़े किए थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के बाद अक्षत ने इंटरनेट पर सर्च किया था कि शव को लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखा जाए. उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चाकू का सेट और आरी मंगवाई थी. चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि उसने पिता का पेट चाकू से इसलिए फाड़ा था ताकि शव जल्दी न सड़े.

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क्या थी शव के टुकड़े करने की मजबूरी?

अक्षत ने शरीर के छह टुकड़े इसलिए किए क्योंकि वह पूरे शव को नीले ड्रम में नहीं रख पा रहा था. वह धड़ को नहर में फेंकने की योजना बना रहा था, लेकिन ड्रम भारी होने की वजह से वह उसे कार में नहीं लाद सका.

वारदात की भयानक रात हुआ क्या था?

अक्षत ने पुलिस को बताया कि 19 फरवरी की रात उसके पिता नशे में थे. उन्होंने गाली-गलौज करते हुए अक्षत पर राइफल तान दी थी. पिता के सो जाने के बाद भी अक्षत रातभर जागता रहा और उसके मन में पिता के प्रति जबरदस्त आक्रोश भरा था. तड़के उसने उसी राइफल से पिता को गोली मार दी. जेल जाने से पहले अक्षत ने पुलिस के सामने अपनी गलती मानते हुए इसे एक बड़ी चूक बताया. 

बहन से लिपटकर रोया था अक्षत

जेल भेजे जाने से पहले अक्षत ने अपनी बहन से मिलने की गुहार लगाई थी. पुलिस जब उसकी बहन को स्कूल से थाने लेकर आई तो दोनों की भावुक मुलाकात हुई. अक्षत अपनी बहन से लिपटकर फूट-फूटकर रोया और उसे अपना ख्याल रखने को कहा.

मानवेंद्र सिंह का किया गया अंतिम संस्कार

दूसरी तरफ, मृतक मानवेंद्र का अंतिम संस्कार बैकुंठ धाम में किया गया, जहां उनके भतीजे ने मुखाग्नि दी. पारिवारिक परंपरा के चलते मानवेंद्र के वृद्ध पिता अपने बेटे की अंतिम विदाई में शामिल नहीं हो सके.

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