'आजादी का विरोध करने वाले के नाम पर विश्वविद्यालय...', CM योगी ने आजम खान का नाम लिए बिना सपा पर बोला हमला, लगाया दंगा भड़काने का आरोप

आशीष श्रीवास्तव

• 04:09 PM • 14 Aug 2026

Yogi Adityanath: लखनऊ में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ के कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सपा पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अतीत की गलतियों से सबक लेकर सनातनियों को एकजुट रहने का संदेश दिया है.

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Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जोरदार जुबानी हमला बोला है. सीएम योगी ने सपा पर दंगा भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग देश के विभाजन और आजादी के विरोध के लिए जिम्मेदार हैं, उनके नाम पर विश्वविद्यालय बनाने वालों को सपा अपना पैरोकार बना रही है. इसके साथ ही उन्होंने लखनऊ में 'विभाजन विभीषिका दिवस' के मौके पर भी देश के इतिहास, बंटवारे के दर्द और एकता पर अपनी अहम बात रखी है.

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सपा सिर्फ दंगा करवाना चाहती है

सीएम योगी ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और कांग्रेस को 'विभाजन विभीषिका दिवस' के मौके पर आड़े हाथों लिया है. उन्होंने कहा है कि 'देश की आजादी का विरोध करने वाले व्यक्ति के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाने वाले को सपा गृह मंत्री बनाने की बात कर रही है.' 'समाजवादी पार्टी का मकसद सिर्फ दंगा करवाना है.' इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि कैसे कांग्रेस के नेताओं ने मोहम्मदाबाद के नवाब की संपत्ति को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी थी.

सत्ता के लिए सनातन राष्ट्र बंटा

लखनऊ में 'विभाजन विभीषिका दिवस' के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा है कि आज पूरा देश बंटवारे के दर्द को याद कर रहा है. यह इंसानियत के इतिहास का सबसे काला दिन है. इस दौरान करोड़ों हिंदुओं को अपनी ही मातृभूमि से बेघर होना पड़ा था. लाखों हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन लोगों की बेरहमी से हत्या की गई थी और तब किसी ने उनकी नहीं सुनी. सत्ता पाने के लालच में एक सनातन राष्ट्र के टुकड़े कर दिए गए थे.

अतीत की गलतियों से लें सबक

सीएम योगी ने बताया कि इतिहास हमें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है. हमें अपनी पुरानी गलतियों से सीखना चाहिए. अगर हम पुरानी बातों को अनदेखा करते हैं, तो इसका सीधा मतलब है कि हम फिर से वही गलतियां दोहराने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आजादी से ठीक पहले सिर्फ भारत देश का बंटवारा नहीं हुआ था, बल्कि हिंदू और सिख भी बंटे थे.

एकता की कमी से हुआ नुकसान

मुख्यमंत्री ने 500 साल पुरानी बात याद दिलाते हुए कहा कि साल 1526 में संभल के श्री हरि हर मंदिर को तोड़कर वहां गुलामी का ढांचा खड़ा किया गया था. अगर उस समय सब लोग एकजुट होकर इसका विरोध करते, तो अयोध्या में ऐसी घटना को दोहराने की हिम्मत किसी की नहीं होती. उन्होंने कहा कि सनातनी लोग चुप नहीं थे, लेकिन वे आपस में बंटे हुए थे. उनके पास ताकत, बुद्धि और धन की कोई कमी नहीं थी, कमी थी तो बस एकता की.

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