Lucknow News: लखनऊ में आपदा से निपटने वाले महकमे SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) में इन दिनों एक आपदा आ गई. यह आपदा न तो बाढ़ की थी और न ही भूकंप की. बल्कि यह आपदा अमरुद की वजह से पैदा हुई थी. हां आपने सही पढ़ा अमरुद की वजह से ही. दरअसल एक सिपाही का अमरूद खा लेना विभाग को इतना नागवार गुजरा कि इसे घोर लापरवाही का मामला मान लिया गया. मामला इतना गंभीर समझा गया कि बाकायदा सरकारी कागजों का इस्तेमाल किया गया. सिपाही से उसकी गुस्ताखी पर जवाब मांगा गया.
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नोटिस में कहा गया- आपकी अनुशासनहीनता और...
यह मामला 5 जनवरी का है. SDRF की पहली बटालियन के कमांडेंट आवास पर पहरा ड्यूटी दे रहे सिपाही आदर्श अग्निहोत्री पर आरोप लगा कि उनके रहते अमरूद के पेड़ से फल तोड़ लिए गए. सूबेदार सैन्य सहायक की ओर से जारी नोटिस में पूछा गया कि 'ड्यूटी के दौरान अमरूद के पेड़ से किसी अज्ञात द्वारा अमरूद तोड़ लिए गए, जिसे ना आपने रोका और न ही उच्चाधिकारियों को सूचित किया. यह कृत्य आपकी अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति शिथिलता को प्रदर्शित करता है.'
फिर सिपाही ने दिया यूट्यूब वाला जवाब
जब स्पष्टीकरण मांगा गया तो सिपाही आदर्श अग्निहोत्री ने भी जो जवाब दिया वह कम रोचक नहीं था. सिपाही ने अपना बचाव करते हुए लिखा, 'महोदय 5 जनवरी की रात स्पेशल खाने में पनीर की गुणवत्ता सही नहीं थी जिससे मेरे पेट में दर्द होने लगा. चूंकि छुट्टियां बंद थीं और मैं डॉक्टर को दिखाने में असमर्थ था. इसलिए मैंने यूट्यूब पर देखा. वहां पता चला कि अमरूद खाने से पेट दर्द ठीक हो जाता है. बस इसीलिए मैंने यह कदम उठाया. सिपाही ने इसे अपनी पहली गलती बताते हुए भविष्य में ऐसा न करने की कसम खाई और महोदय से क्षमादान की गुहार लगाई है.
कमांडेंट नहीं पर अमरूद का पहरा सख्त
दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान में SDRF लखनऊ में कोई स्थाई कमांडेंट तैनात नहीं है और एक पीपीएस अधिकारी के पास इसका चार्ज है.
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