कानपुर की 'रतन ऑर्बिट सोसाइटी' में हुए बड़े दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की दर्दनाक हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. वारदात के बाद ससुर की मौत पर बिलख-बिलख कर रोने वाली बहू शालू ही इस खौफनाक हत्याकांड की मुख्य मास्टरमाइंड निकली. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की कड़ियों को जोड़ने में सबसे अहम मोड़ सोसाइटी के सिक्योरिटी इंचार्ज मदन सिंह का बयान बना. सुरक्षाकर्मियों के बयानों और फोन कॉल रिकॉर्ड्स से यह साफ हो गया कि किस तरह बहू शालू ने खुद सिक्योरिटी को फोन करके कातिलों को बिना किसी चेकिंग और रजिस्टर में बिना नाम दर्ज कराए सोसाइटी के अंदर दाखिल करवाया था.
ADVERTISEMENT
फोन पर दिया आदेश
सोसाइटी के सिक्योरिटी इंचार्ज मदन सिंह के मुताबिक, रतन ऑर्बिट सोसाइटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं. यहां आने-जाने वाले हर बाहरी व्यक्ति की बाकायदा रजिस्टर में एंट्री की जाती है. लेकिन वारदात वाले दिन सिक्योरिटी गार्ड्स के पास सीधे बहू शालू का फोन आया. शालू ने गार्ड्स से कहा कि उनकी दुकान पर पहले काम करने वाला लड़का एक बेहद जरूरी सामान लेकर आ रहा है. शालू ने निर्देश दिया कि उस लड़के की रजिस्टर में एंट्री न की जाए और उसे सीधे फ्लैट पर भेज दिया जाए.
पुलिस को गुमराह करने के लिए बताया फर्जी नाम
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि जांच की दिशा भटकाने के लिए शालू ने गार्ड्स को फोन पर आरोपी का नाम शुभम बताया था. हकीकत में अंदर दाखिल होने वाले व्यक्ति का नाम कुछ और ही था. गार्ड्स ने शालू के आदेश पर भरोसा करते हुए और फोन पर मिली परमिशन के आधार पर आरोपी से बिना कोई पूछताछ किए उसे बाइज्जत अंदर जाने दिया.
कातिलों को दी फ्लैट की चाबी और तकिए से घोंटा दम
सोसाइटी के भीतर पहुंचने के बाद साजिश के तहत आरोपियों को फ्लैट की चाबी मुहैया कराई गई. कातिल चाबी से दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुए और सही मौके का इंतजार करते हुए छिप गए. जैसे ही सही वक्त मिला, आरोपियों ने दवा कारोबारी विनीत मिनोचा पर हमला कर दिया और तकिए से उनका दम घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी.
पुलिस जांच में खुला राज
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद बहू शालू पुलिस और रिश्तेदारों के सामने बेगुनाह बनने और रोने का नाटक करती रही. हालांकि जब पुलिस ने सोसाइटी के गार्ड्स के बयान दर्ज किए, डिजिटल मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाली और सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो शालू की पूरी साजिश का भंडाफोड़ हो गया. पुलिस की जांच में आरोपी साबित होने के बाद बहू शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
ADVERTISEMENT











