कानपुर में करोड़पति ससुर की हत्या की मास्टरमाइंड निकली बहू! 'कातिल' नौकरों को दिया था लालच, अब ऐसे खुला राज!

सिमर चावला

• 04:30 PM • 07 Sep 2026

कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच ने परिवार के भीतर की साजिश का खुलासा किया है. ससुर की मौत के बाद शालू को फूट-फूटकर रोते हुए देखा गया था, लेकिन अब पुलिस ने उसे ही हत्या की मुख्य साजिशकर्ता यानी मास्टरमाइंड बताया है.

Vineet Minocha Murder Case

Vineet Minocha Murder Case (Photo Edit By AI)

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Vineet Minocha Murder Case: कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच ने परिवार के भीतर की साजिश का खुलासा किया है. ससुर की मौत के बाद शालू को फूट-फूटकर रोते हुए देखा गया था, लेकिन अब पुलिस ने उसे ही हत्या की मुख्य साजिशकर्ता यानी मास्टरमाइंड बताया है. पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जांच में सामने आया है कि हत्या के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी. इस मामले में मृतक के पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था.

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ससुर की मौत पर रोती दिखी बहू

विनीत मिनोचा की हत्या के बाद जब उनका बेटा सुब्रत, पत्नी शालू और छह साल का बेटा पार्टी से लौटे तो घर का दरवाजा खुला मिला. अंदर विनीत का शव खून से लथपथ पड़ा था. घर में चीख-पुकार मच गई. शालू भी ससुर की मौत पर बुरी तरह रोती नजर आईं. उनके रोने और सदमे के वीडियो भी सामने आए. शुरुआत में पुलिस के सामने मामला घर में घुसकर किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या का लग रहा था. लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी, गार्ड के बयान, आरोपियों से पूछताछ और दूसरे साक्ष्यों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई तो शक की दिशा परिवार तक पहुंच गई.

पुराने नौकर विशाल ने खोली हत्या की अहम कड़ी

जांच में सीसीटीवी फुटेज से दो संदिग्धों के फ्लैट में दाखिल होने की जानकारी मिली. इनमें एक की पहचान विशाल के रूप में हुई, जो पहले विनीत मिनोचा के घर पर काम कर चुका था. पुलिस के मुताबिक रुपये चोरी करने के आरोप के बाद विशाल को करीब छह साल पहले नौकरी से निकाल दिया गया था. इसके बावजूद उसका परिवार से संपर्क बना रहा. वह बेटे और बहू के संपर्क में था और कभी-कभी घर भी आता-जाता था. पुलिस का कहना है कि इसी पुराने परिचय के कारण उसे घर की व्यवस्था और अंदर आने-जाने के तरीके की जानकारी थी.

कुछ मिनट बाद अंदर पहुंचे आरोपी

पुलिस जांच के मुताबिक शनिवार रात करीब 9:36 बजे सुब्रत, शालू और उनका 6 साल का बेटा पार्टी के लिए घर से निकले थे. इसके लगभग दस मिनट बाद 2 लोग फ्लैट की तरफ जाते और अंदर दाखिल होते दिखाई दिए. पुलिस के अनुसार दोनों पहले से कारोबारी के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे. जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी करीब 72 से 75 मिनट तक फ्लैट के अंदर छिपे रहे. करीब 10:58 बजे विनीत मिनोचा घर पहुंचे. इसके बाद कुछ ही देर में उन पर हमला कर दिया गया.

डुप्लीकेट चाबी से घर में आने का आरोप

इस मामले में फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी भी जांच की अहम कड़ी बनी है. पुलिस पूछताछ में विशाल ने बताया कि उसके पास फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी थी. इसी के जरिए वह अपने साथी के साथ घर में दाखिल हुआ था. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद करने और आरोपियों के खून से सने कपड़े मिलने की बात भी कही है. दोनों आरोपी वारदात के बाद भागे थे और बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में पकड़े गए. पुलिस अब इन सभी साक्ष्यों को कथित साजिश से जोड़कर जांच कर रही है.

परिवार के विवाद पर पुलिस का शक

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हत्या के मकसद को लेकर था. अगर हत्या लूट के लिए की गई थी तो घर से पैसा, जेवर या दूसरी कीमती चीजें गायब क्यों नहीं हुईं? विनीत मिनोचा करीब 45 वर्षों से दवा कारोबार से जुड़े थे और कानपुर के प्रमुख दवा कारोबारियों में उनकी गिनती होती थी. पुलिस की जांच में कथित तौर पर परिवार के भीतर संपत्ति और खर्च को लेकर तनाव की बात सामने आई. आरोप है कि विनीत अपने बेटे को सीमित पैसे देते थे और बहू के खर्च तथा व्यक्तिगत गतिविधियों पर भी रोक-टोक रखते थे. पुलिस के मुताबिक इसी नाराजगी ने कथित तौर पर हत्या की साजिश का रूप लिया.

₹6 लाख में तय हुई हत्या की कथित सुपारी

पुलिस जांच में हत्या के लिए 6 लाख रुपये की कथित सुपारी तय होने की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार योजना के तहत 2 लाख रुपये हत्या के बाद और बाकी 4 लाख रुपये करीब 15 दिन के भीतर दिए जाने थे. यानी जांच में इसे अचानक हुए विवाद या गुस्से में की गई हत्या के बजाय पहले से तैयार की गई कथित साजिश माना जा रहा है. पुलिस के मुताबिक विशाल ने अपने पुराने साथी राजकिशोर को इस काम में शामिल किया था. दोनों पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके थे और उनकी पुरानी जान-पहचान थी.

पहले तकिए से दबाकर हत्या की योजना थी

इस केस का एक और चौंकाने वाला पहलू हत्या का कथित शुरुआती प्लान है. पुलिस के सामने आए आरोपों के मुताबिक शुरुआत में विनीत को सोते समय तकिए से दबाकर मारने की योजना बनाई गई थी. मकसद उनकी मौत को प्राकृतिक या हार्ट अटैक जैसा दिखाना था. लेकिन उस रात हालात बदल गए. बताया गया है कि हमलावर विनीत के सोने का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान विनीत बच्चों के कमरे की तरफ चले गए. कमरे का दरवाजा थोड़ा खुला था और अंदर पहुंचने पर वह दोनों हमलावरों के सामने आ गए. लाइट जलने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर दिया.

गले और सीने पर किए गए कई वार

हमले में विनीत मिनोचा के गले, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू के गंभीर घाव मिले. अलग-अलग रिपोर्टों में घावों की संख्या अलग बताई गई है, लेकिन पुलिस के मुताबिक हमला बेहद हिंसक था. कमरे में खून फैला हुआ था. वारदात के बाद आरोपियों ने कपड़े बदले और वहां से फरार हो गए. जांच में अपार्टमेंट के गार्ड का बयान भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पुलिस के मुताबिक गार्ड को पहले फोन करके बताया गया था कि एक व्यक्ति अपने दोस्त के साथ आएगा. कथित तौर पर उसे दोनों को अंदर आने देने और रजिस्टर में एंट्री न करने के लिए कहा गया था. पुलिस इस दावे को सीसीटीवी और कॉल डिटेल से मिलाकर जांच रही है.

24 घंटे में आरोपी पकड़े गए

पुलिस ने सीसीटीवी और दूसरे सुरागों के आधार पर विशाल और राजकिशोर की पहचान की. इसके बाद उनकी तलाश शुरू हुई. जवाहरपुरम के आसपास दोनों आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़ हुई, जिसमें उनके पैरों में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया. पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश से जुड़ी कई कड़ियां सामने आईं. आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें यह काम करने के लिए बेटे-बहू की तरफ से कहा गया था. हालांकि आरोपियों के बयान को अदालत में सबूत के तौर पर साबित किया जाना अभी बाकी है. जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने शालू को भी आरोपी बनाया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. अब पुलिस के मुताबिक इस हत्याकांड की मुख्य कड़ी शालू, पूर्व नौकर विशाल और राजकिशोर के बीच की कथित भूमिका है. अब इस मामले की अंतिम सच्चाई अदालत में तय होगी.