पुलिस की नौकरी पाने के लिए कानपुर के 2 भाइयों ने रचा गजब खेल, चालाकी सामने आई तो अधिकारी पड़ गए सकते में

रंजय सिंह

• 03:49 PM • 06 Sep 2026

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस भर्ती के दौरान दो जुड़वां भाइयों ने नौकरी पाने के लिए ऐसा प्लान बनाया, जिसने भर्ती अधिकारियों को भी कुछ देर के लिए उलझा दिया.

Kanpur Police Recruitment Twin Brothers Fraud News

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Kanpur Police Recruitment Twin Brothers Fraud News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस भर्ती के दौरान दो जुड़वां भाइयों ने नौकरी पाने के लिए ऐसा प्लान बनाया, जिसने भर्ती अधिकारियों को भी कुछ देर के लिए उलझा दिया. आगरा के रहने वाले भूपेंद्र की लंबाई पुलिस भर्ती के तय मानक से कम निकली तो दोबारा जांच के दौरान उसकी जगह उसका जुड़वां भाई भूपेश पहुंच गया. दोनों का चेहरा एक जैसा होने और कपड़े भी समान होने के कारण पहली नजर में पहचान करना मुश्किल था. दूसरी जांच में भूपेश की लंबाई 169.6 सेंटीमीटर आई, जबकि पहली बार भूपेंद्र की लंबाई 166.4 सेंटीमीटर मापी गई थी. लंबाई में 3.2 सेंटीमीटर का अंतर देखकर अधिकारियों को शक हुआ और बायोमेट्रिक जांच कराई गई. फिंगरप्रिंट और रेटिना का मिलान होते ही दोनों का पूरा खेल सामने आ गया.

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पहली जांच में कम निकली हाइट

मामला कानपुर पुलिस लाइन में चल रही पुलिस भर्ती की शारीरिक मानक परीक्षा का है. भूपेंद्र ने लिखित परीक्षा पास की थी और इसके बाद उसकी शारीरिक नापजोख की गई. 29 अगस्त को हुई जांच में उसकी लंबाई 166.4 सेंटीमीटर और छाती 79 सेंटीमीटर दर्ज की गई. भर्ती के निर्धारित मानक के हिसाब से लंबाई कम होने के कारण उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया. इसके बाद भूपेंद्र ने दोबारा नापजोख की अपील कर दी. पुलिस भर्ती के नियमों के मुताबिक, किसी अभ्यर्थी को अपनी शारीरिक या मेडिकल जांच पर आपत्ति हो तो वह पुनः जांच के लिए आवेदन कर सकता है. इसी प्रक्रिया का फायदा उठाने के लिए दोनों भाइयों ने अगला कदम उठाया.

दूसरी जांच में बढ़ गई लंबाई

दोबारा जांच के समय अधिकारियों के सामने एक युवक खुद को भूपेंद्र बताकर पहुंचा. इस बार उसकी लंबाई 169.6 सेंटीमीटर मापी गई. पहली जांच में 166.4 और दूसरी में 169.6 सेंटीमीटर की लंबाई सामने आने पर अधिकारियों को अंतर असामान्य लगा. फोटो से मिलान करने पर चेहरा लगभग एक जैसा दिखाई दिया, इसलिए तत्काल पहचान नहीं हो सकी. लेकिन लंबाई के अंतर ने अधिकारियों का शक और बढ़ा दिया. इसके बाद अभ्यर्थी की बायोमेट्रिक जांच कराने का फैसला लिया गया.

ऐसे पकड़ा गया पूरा फर्जीवाड़ा

बायोमेट्रिक जांच में फिंगरप्रिंट और रेटिना का मिलान नहीं हुआ. सख्ती से पूछताछ करने पर सामने आया कि दोबारा मेडिकल कराने पहुंचा युवक भूपेंद्र नहीं, बल्कि उसका जुड़वां भाई भूपेश था. पुलिस के मुताबिक दोनों को पहले से पता था कि भूपेंद्र की लंबाई भर्ती के मानक से कम है. इसलिए दोनों ने योजना बनाई कि पहली जांच में कम लंबाई आने के बाद दूसरी जांच में भूपेश उसकी जगह पहुंच जाएगा. पहली जांच के बाद भूपेंद्र अपना सामान लेकर बाहर चला गया. इसके कुछ समय बाद भूपेश उसी तरह के कपड़े और सामान के साथ वहां पहुंचा और दोबारा लंबाई जांच कराने लगा.

अधिकारियों ने ऐसे पकड़ा

पुलिस के अनुसार दोनों भाइयों को उम्मीद थी कि चेहरा एक जैसा होने के कारण पहचान नहीं हो पाएगी. उनका प्लान था कि दूसरी जांच में ज्यादा लंबाई दर्ज होने के बाद भूपेश बाहर निकल जाएगा और भूपेंद्र फिर से अपनी जगह ले लेगा. लेकिन लंबाई में अंतर और उसके बाद हुई बायोमेट्रिक जांच ने उनकी पूरी योजना बिगाड़ दी. पूछताछ के बाद पुलिस ने परिसर के बाहर मौजूद भूपेंद्र को भी पकड़ लिया. दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया.

कई जरूरी दस्तावेज भी बरामद

पुलिस लाइन के एसआई ईश्वर सिंह की तहरीर पर दोनों भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने बताया 'दोनों भाइयों ने जुड़वां होने और चेहरे की समानता का फायदा उठाकर भर्ती प्रक्रिया को धोखा देने की कोशिश की. हालांकि बायोमेट्रिक जांच की वजह से उनका फर्जीवाड़ा पकड़ा गया.' पुलिस ने दोनों के पास से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, एटीएम कार्ड, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं. अब पुलिस दोनों के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.