Kanpur Vineet Minocha Murder Case: कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मनोचा की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कहानी की कई परतें खुल रही हैं. पुलिस की जांच में हत्या से पहले के 21 दिनों की कॉल डिटेल अहम कड़ी बनकर सामने आई है. इस अवधि में विनीत की बहू शालू ने पुराने नौकर विशाल गौतम से करीब 30 बार, जबकि उसके पति सुब्रत ने करीब 300 बार फोन पर बातचीत की. यानी दोनों की विशाल से करीब 330 बार बातचीत सामने आई है. पुलिस अब इन कॉल्स के समय और पैटर्न की जांच कर रही है. दूसरी ओर सुब्रत का कहना है कि विशाल परिवार के छोटे-मोटे काम करता था, इसलिए उससे फोन पर बातचीत होती थी. इसी बीच पुलिस की जांच में कथित 6 लाख रुपये की सुपारी और घर की डुप्लीकेट चाबी का एंगल भी सामने आया है.
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कॉल हिस्ट्री बनी जांच का अहम हिस्सा
विनीत मनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों और आरोपितों के मोबाइल संपर्कों की जांच शुरू की. इसी दौरान हत्या से पहले के करीब तीन सप्ताह की कॉल डिटेल खंगाली गई. इसमें शालू और उसके पति सुब्रत का विशाल के साथ लगातार संपर्क सामने आया. कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक, शालू और विशाल के बीच करीब 30 बार बातचीत हुई, जबकि सुब्रत ने विशाल से करीब 300 बार फोन पर बात की. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कॉल्स के पीछे सिर्फ सामान्य कामकाज था या हत्या की कथित योजना से भी इनका कोई संबंध था. फिलहाल इन फोन कॉल्स में हुई बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं हुआ है.
सुब्रत ने बताई विशाल से बातचीत की वजह
इतनी बड़ी संख्या में कॉल सामने आने के बाद पुलिस ने सुब्रत से भी इस संपर्क के बारे में पूछताछ की. सुब्रत ने बताया कि विशाल पहले उनके परिवार के साथ काम कर चुका था और छोटे-मोटे काम करता था. इसी वजह से उससे फोन पर बातचीत होती थी. पुलिस इस दावे को दूसरे साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि 21 दिनों के दौरान कॉल किस समय की गईं, कितनी देर बातचीत हुई और हत्या की तारीख नजदीक आने के साथ संपर्क का पैटर्न किस तरह बदला. यानी फिलहाल 330 कॉल सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि पुलिस की जांच में एक अहम कड़ी हैं.
नौकर विशाल तक कैसे पहुंची पुलिस?
हत्या की जांच में विशाल गौतम का नाम सामने आने के बाद पुलिस की नजर परिवार के साथ उसके पुराने संबंधों पर गई. हरबंशमोहाल निवासी विशाल पहले विनीत मनोचा के यहां काम कर चुका था. पुलिस के मुताबिक, करीब छह साल पहले चोरी के आरोप के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. इसके बावजूद परिवार के साथ उसका संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था और वह कभी-कभी घर आता-जाता था. पुलिस का मानना है कि पुराने कर्मचारी होने के कारण विशाल को घर की बनावट, आने-जाने और परिवार की दिनचर्या के बारे में जानकारी थी. यही पुराना कनेक्शन अब हत्या की जांच में महत्वपूर्ण हो गया है.
घर की डुप्लीकेट चाबी ने बढ़ाया शक
पुलिस की जांच में घर में प्रवेश से जुड़ी एक और अहम जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, घर में इस्तेमाल होने वाली मूल चाबी के आधार पर गुमटी में डुप्लीकेट चाबी बनवाई गई थी. विशाल के पुराने कर्मचारी होने और घर की जानकारी रखने की वजह से पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है. फिलहाल यह साफ नहीं है कि डुप्लीकेट चाबी किसके कहने पर बनवाई गई थी और इसका इस्तेमाल किस तरह हुआ. पुलिस इसी बात को दूसरे साक्ष्यों के साथ जोड़कर देख रही है. हत्या से पहले चाबी बनवाने की बात सामने आने के बाद घर में आरोपितों के प्रवेश को लेकर जांच का यह अहम हिस्सा बन गया है.
6 लाख की हुई थी डील
पुलिस ने विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था. पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर शालू का नाम लिया और पुलिस के मुताबिक बताया कि हत्या की योजना उन्हें शालू से मिली थी. पुलिस का आरोप है कि विनीत की हत्या के लिए विशाल को 6 लाख रुपये की कथित सुपारी दी गई थी. जांच के अनुसार, इसमें 2 लाख रुपये हत्या के बाद और बाकी 4 लाख रुपये करीब 15 दिन बाद देने की बात तय हुई थी. पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए 5 सितंबर की तारीख भी तय की गई थी. इन दावों की जांच के साथ पुलिस कॉल रिकॉर्ड और दूसरे साक्ष्यों को भी जोड़ रही है.
मुठभेड़ के बाद सामने आया बहू का नाम
विनीत की हत्या के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाली तो कारोबारी के पुराने कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को फ्लैट में आते-जाते देखा गया. दोनों की गतिविधियां जांच का आधार बनीं और पुलिस ने रविवार देर रात मुठभेड़ के दौरान दोनों को पकड़ लिया. दोनों के पैर में पुलिस की गोली लगी. पूछताछ में कथित तौर पर बहू शालू का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी भूमिका की भी जांच शुरू की. पुलिस का कहना है कि आरोपितों ने कारोबारी की हत्या बहू के कहने पर करने की बात बताई. हालांकि हत्या की पूरी साजिश और उसका मकसद जांच का विषय बना हुआ है.
गार्ड को पहले दी गई थी आने वाले लोगों की सूचना
जांच में हत्या से पहले फ्लैट में आरोपितों के प्रवेश को लेकर भी एक अहम कड़ी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले सिक्योरिटी गार्ड को फोन करके बताया गया था कि एक व्यक्ति अपने दोस्त के साथ आएगा. कथित तौर पर गार्ड को दोनों को अंदर आने देने और रजिस्टर में एंट्री नहीं करने के लिए कहा गया था. पुलिस अब CCTV फुटेज और कॉल डिटेल के जरिए इस पहलू की जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि गार्ड को सूचना किसने दी थी और दोनों युवकों के फ्लैट तक पहुंचने की व्यवस्था कैसे हुई.
पार्टी के लिए निकले थे बेटा-बहू
हत्या वाली रात की घटनाओं की टाइमलाइन भी जांच में बेहद अहम है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विनीत के बेटे सुब्रत और बहू शालू शनिवार रात करीब 9:36 बजे पार्टी के लिए घर से निकले थे. इसके करीब 10 मिनट बाद दो लोग फ्लैट में दाखिल हुए. पुलिस की जांच के मुताबिक, दोनों ने अंदर पहुंचकर विनीत के लौटने का इंतजार किया और करीब 72 से 75 मिनट तक छिपे रहे. विनीत करीब 10:58 बजे घर लौटे. इसके बाद उन पर चाकू से हमला किया गया. वारदात के बाद दोनों आरोपित कपड़े बदलकर वहां से निकल गए. CCTV फुटेज में उनके आने और जाने की गतिविधियां पुलिस के सामने आईं.
करोड़पति कारोबारी पर चाकू से 26 से ज्यादा वार
विनीत मनोचा की हत्या बेहद हिंसक तरीके से की गई थी. कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट की पहली मंजिल के फ्लैट नंबर C-104 में वह रहते थे. वारदात के समय वह फ्लैट में अकेले थे. हत्यारों ने उन पर चाकू से 26 से ज्यादा वार किए. रविवार सुबह करीब 4 बजे जब बेटा और बहू पार्टी से घर लौटे, तब हत्या का पता चला. सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. अपार्टमेंट की गैलरी में लगे CCTV कैमरों की जांच की गई, जिसमें विशाल और राजकिशोर के फ्लैट में आने-जाने की जानकारी मिली.
लूट नहीं हुई, फिर हत्या की वजह क्या?
जांच में पुलिस के सामने हत्या की वजह भी बड़ा सवाल बनी हुई है. विनीत मनोचा शहर के पांच बड़े दवा कारोबारियों में माने जाते थे, लेकिन वारदात के बाद घर से पैसा, जेवर या कोई अन्य कीमती सामान गायब होने की बात सामने नहीं आई. यही वजह है कि पुलिस इसे केवल लूट के मकसद से हुई हत्या मानकर नहीं चल रही. जांच का एक पहलू परिवार के भीतर के विवाद और आर्थिक कारणों से भी जुड़ा है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विनीत की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और कथित सुपारी की योजना आखिर क्यों बनाई गई.
ससुर की मौत पर रोती दिखी थी शालू
विनीत की हत्या के बाद जब बेटा और बहू घर पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई. शालू भी ससुर की मौत के बाद बुरी तरह रोती हुई दिखाई दी थीं. उनके रोने और सदमे के वीडियो भी सामने आए थे. शुरुआत में मामला घर में घुसकर किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा हत्या किए जाने जैसा नजर आ रहा था. लेकिन CCTV, गार्ड से पूछताछ, पुराने कर्मचारियों की जानकारी और मोबाइल संपर्कों की जांच के बाद पुलिस का फोकस परिवार के करीबी लोगों पर भी गया. विशाल और राजकिशोर के बयानों में शालू का नाम आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की.
15 सवालों के बाद शालू की गिरफ्तारी
विशाल और राजकिशोर के बयानों के बाद पुलिस ने शालू को हिरासत में लेकर पूछताछ की. सोमवार को करीब डेढ़ घंटे तक उससे सवाल किए गए. शुरुआत में शालू ने हत्या की साजिश में शामिल होने से इनकार किया. इसके बाद पुलिस ने उसके पति सुब्रत, सास पुनीता, विनीत के भाई और सिक्योरिटी गार्ड मदन सिंह की मौजूदगी में उससे पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने कॉल डिटेल समेत अन्य साक्ष्यों को सामने रखते हुए करीब 15 सवाल किए. पुलिस का दावा है कि इसके बाद शालू कथित तौर पर टूट गई और उसने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
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