कानपुर में ‘अवॉर्ड शो’ की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल, मनीष कुमार पूरे देश में करता था ये डॉक्यूमेंट्स सप्लाई

यूपी तक

19 May 2026 (अपडेटेड: 18 Jul 2026, 10:24 PM)

Kanpur Racket: उत्तर प्रदेश के कानपुर में फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट तैयार करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नकली दस्तावेज बनाकर देशभर में सप्लाई कर रहा था.

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Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट तैयार करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह नकली दस्तावेज बनाकर देशभर में सप्लाई कर रहा था. वहीं अवॉर्ड समारोह और समाजसेवा की आड़ में इसका सरगना अपनी अलग पहचान बना रहा था. पुलिस ने इस पूरे मामले में कार्रवाई करते हुए ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसकी परतें अब लगातार खुल रही हैं. फरवरी में पुलिस ने शहर में फर्जी मार्कशीट बनाने वाले एक गिरोह को पकड़ा था. अब उसी जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे सरगना को गिरफ्तार किया है, जो हैदराबाद से बैठकर इस पूरे नेटवर्क को चला रहा था.

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12वीं पास था ‘डॉक्टर मनीष कुमार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो खुद को ‘डॉक्टर मनीष कुमार’ बताता था. जांच में सामने आया है कि उसकी शैक्षणिक योग्यता केवल 12वीं पास है. आरोप है कि वह ‘ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड यूके लंदन’ के नाम से देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित करता था और खुद को समाजसेवी के रूप में पेश करता था. वह मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में कई कार्यक्रम कर चुका है, जहां समाजसेवियों और अन्य लोगों को सम्मानित करने के नाम पर अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ाता था.

फर्जी मार्कशीट गिरोह से संपर्क

पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, मनीष मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है. बाद में वह बिहार में रहा और फिर हैदराबाद जाकर कंपनी और कॉल सेंटर चलाने लगा. जांच में यह भी सामने आया कि उसका संपर्क कानपुर में पकड़े गए फर्जी मार्कशीट गिरोह से था. पुलिस के अनुसार मनीष ने 80 से अधिक फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट तैयार कर लोगों तक पहुंचाए थे. इस नेटवर्क में दस्तावेज तैयार करने के बदले 80 से 90 हजार रुपये तक वसूले जाते थे. पुलिस का कहना है कि यह पूरा काम व्हाट्सएप के जरिए चलाया जाता था, जहां लोगों से डिटेल लेकर नकली दस्तावेज तैयार कर दिए जाते थे.

देश के कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि उन्नाव में अर्जुन यादव नाम के युवक को फ्रेंचाइजी दी गई थी, जो कोचिंग सेंटर चलाता था. पुलिस ने मनीष कुमार और अर्जुन यादव दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं. पुलिस का मानना है कि यह गिरोह देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था और मामले की जांच अभी जारी है.