Hardoi Porn Scandal Case News: हरदोई पुलिस की स्वॉट, सर्विलांस, एसओजी और कोतवाली शहर पुलिस टीम ने मिलकर एक ऐसे शातिर अपराधी का पर्दाफाश किया है जो इंटरनेट की दुनिया में अश्लीलता का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था. इस पूरे मामले की शुरुआत 17 मई 2026 को हुई. हरदोई के साइबर थाने को एक बेहद संवेदनशील इनपुट मिला. सूचना के मुताबिक, प्रयागराज का रहने वाला विकास सिंह नाबालिग बच्चों के बीच टेलीग्राम एप के माध्यम से पैसे लेकर पोर्न वीडियो और फोटो बेच रहा था. मामला सीधे तौर पर बच्चों और डिजिटल अश्लीलता से जुड़ा था. इसलिए हरदोई पुलिस तुरंत एक्शन में आई और साइबर थाने पर नामजद आरोपी विकास के खिलाफ केस दर्ज कर उसे दबोचने के लिए जाल बिछाया गया.
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कैसे हुई विकास की गिरफ्तारी?
आरोपी की धरपकड़ के लिए स्वॉट, सर्विलांस, एसओजी और कोतवाली शहर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने सटीक रणनीति के तहत घेराबंदी करते हुए विकास को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार किया गया विकास सिंह मूल रूप से प्रयागराज के न्यू मार्केट का रहने वाला है.
पूछताछ में खुला 'टेलीग्राम साम्राज्य' का खौफनाक सच
जब हरदोई पुलिस की टीम ने विकास सिंह को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसके डिजिटल नेटवर्क का काला चिट्ठा एक-एक कर सामने आने लगा. पुलिस का दावा है कि विकास सिंह ने कबूला है कि वह टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर अलग-अलग नाम से कई ग्रुप और चैनल चला रहा था.
21 चैनल और 7000 मेंबर्स
पुलिस की जांच और पूछताछ में पता चला कि विकास ने टेलीग्राम पर कुल 21 चैनल बना रखे थे. इन चैनल्स से करीब 7000 सदस्य जुड़े हुए थे.
अश्लीलता का मिला भंडार
पुलिस को इन चैनलों की जांच के दौरान 10000 पोर्न वीडियो और 40000 अश्लील फोटो बरामद हुए हैं. वह इन ग्रुप्स में लोगों को जोड़ने के लिए बकायदा सब्सक्रिप्शन लेता था और फिर यह सामग्री भेजता था.
चार बैंक खातों में करोड़ों का खेल, साल 2020 से था सक्रिय
यह केवल अश्लीलता फैलाने का मामला नहीं था, बल्कि इसके पीछे करोड़ों रुपये का तगड़ा बिजनेस मॉडल काम कर रहा था. पुलिस ने जब विकास सिंह के आर्थिक साम्राज्य को खंगाला, तो उसके चार बैंक अकाउंट्स का पता चला. विकास के इन चार बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि जमा पाई गई है. पुलिस अब इस प्राप्त धनराशि के स्रोतों के संबंध में गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है. पूछताछ में यह भी साफ हुआ है कि विकास सिंह साल 2020 से लगातार इस अवैध और अनैतिक कार्य में संलिप्त था.
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