Kanpur News: कानपुर के माता तपेश्वरी मंदिर में लगे मेले में शनिवार की रात बजरंग दल के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पहुंच गए. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चार दिन पहले ही अल्टीमेटम दिया था कि हिंदू मंदिरों के मेलों में गैर-हिंदू दुकानदारों को दुकान नहीं लगाने दी जाएगी. इसी कड़ी में कार्यकर्ताओं ने सिंदूर बेचने वाले एक मुस्लिम दुकानदार इकबाल को वहां से हटा दिया गया. बजरंग दल का आरोप है कि मुस्लिम दुकानदार उनके लोगों को धमका रहे थे जिसके जवाब में उन्होंने यह कदम उठाया.
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बजरंग दल के लोगों ने लगाए ये आरोप
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का दावा है कि उनके कुछ हिंदू दुकानदारों को एक दर्जन से ज्यादा मुस्लिम युवकों ने आकर दुकान न लगाने की धमकी दी थी. इसकी सूचना मिलते ही संगठन के लोग मंदिर परिसर में सर्च ऑपरेशन पर निकल पड़े. उन्होंने मेले में घूम-घूमकर मुस्लिम दुकानदारों को तलाशा. इस दौरान इकबाल नाम का दुकानदार मिला जिसे हटाकर वहां बजरंग दल के लोगों ने खुद की दुकान लगा दी. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया था कि मेले में कोई मुस्लिम दुकानदार नहीं रहेगा और प्रशासन को भी इसकी सूचना दे दी गई थी.
घटना के 1 दिन बाद जागी पुलिस
इस मामले को कवर करते हुए यूपी Tak की टीम ने मौके की गंभीरता को समझा. रात करीब 11 बजे ही डीसीपी सिटी सत्यजीत गुप्ता को फोन कर इस घटना की जानकारी दी गई और उनका पक्ष जानना चाहा. लेकिन उस समय डीसीपी ने यह कहकर फोन काट दिया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है. एक तरफ मंदिर परिसर में नारेबाजी और दुकानदारों को हटाने का काम चल रहा था. वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार अधिकारी जानकारी न होने की बात कह रहे थे.
इस घटना के ठीक एक दिन बाद डीसीपी सिटी की टीम की तरफ से आधिकारिक बयान सामने आया. पुलिस ने अपनी सफाई में कहा कि 'वहां स्थिति पूरी तरह सामान्य है. कुछ शरारती तत्वों द्वारा मेले में दुकान न लगाने देने की सूचना मिली थी जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया.' पुलिस ने अब दावा किया है कि मेले में कोई भेदभाव नहीं है और किसी को भी शांति भंग करने या शरारत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
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