UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने करोड़ों रुपये के बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. जांच में सामने आया है कि फर्जी कंपनियां बनाकर GST चोरी, हवाला और अवैध कैश ट्रांजेक्शन का बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था. पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में करीब 146 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार किया गया. इस नेटवर्क में कबाड़ कारोबार और बूचड़खाने से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आई है. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने नकली दस्तावेजों के आधार पर कई फर्जी कंपनियां बनाई थीं. इन कंपनियों के नाम पर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कराए गए और फिर उन्हीं के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन दिखाए गए. पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
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लूट की जांच से खुला पूरा मामला
इस फर्जीवाड़े का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस 1 फरवरी को हुई एक लूट की घटना की जांच कर रही थी. जांच के दौरान कुछ संदिग्ध कैश ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली. इसके बाद जब बैंक खातों और पैसों के स्रोत की जांच हुई तो करोड़ों रुपये के नेटवर्क का पता चला. पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि यह नेटवर्क GST चोरी, इनकम टैक्स फ्रॉड और हवाला ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. जांच में ताहिर, अजमेरी, रुस्तम और उनके सहयोगियों के नाम सामने आए हैं.
68 बैंक खाते और कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाए थे. पुलिस अब तक 68 बैंक खातों का पता लगा चुकी है. इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया. जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरों तक फैले हुए थे.
कई एजेंसियां जांच में जुटीं
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए GST और इनकम टैक्स विभाग की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं. कई बैंकों से ट्रांजेक्शन की डिटेल मांगी गई है और संदिग्ध खातों की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी फर्जी कंपनियों के जरिए अवैध कैश को वैध दिखाने का काम करते थे. हवाला नेटवर्क के जरिए पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया जाता था ताकि असली स्रोत छिपा रहे. पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
(आज तक के इनपुट से)
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