पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी के पीए के हत्यारोपी राज सिंह का क्रिमिनल रिकॉर्ड आया सामने, पहली बार किया था ये अपराध

Raj Singh Ballia Criminal History: बंगाल मर्डर केस के आरोपी राज सिंह का बलिया से निकला खूनी कनेक्शन. 2020 में एक दिव्यांग की हत्या के बाद जमानत पर बाहर आए राज ने कैसे दिया बड़ी वारदात को अंजाम? बेसहारा पिता की आपबीती और इंसाफ की पुकार.

Raj Singh

यूपी तक

• 05:09 PM • 12 May 2026

follow google news

Raj Singh Ballia Criminal History: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के तार जब उत्तर प्रदेश के बलिया से जुड़े तो आरोपी राज सिंह का चेहरा सामने आया. राज सिंह का परिवार भले ही उसे बेगुनाह बता रहा हो. लेकिन बलिया की गलियों में उसका इतिहास अपराध की गवाही दे रहा है. 2020 में एक दिव्यांग अंडा व्यवसायी की हत्या का आरोप झेल रहा राज सिंह आज कोलकाता पुलिस की गिरफ्त में है. जबकि बलिया में एक लाचार पिता आज भी इंसाफ की उम्मीद में पथराई आंखों से देख रहा है.

यह भी पढ़ें...

अंडे के पैसे मांगने पर मार दी थी गोली

राज सिंह का क्रिमिनल रिकॉर्ड नया नहीं है. 13 अक्टूबर 2020 को बलिया में एक गरीब परिवार का चिराग बुझा दिया गया था. पीड़ित पिता पारस गुप्ता का दर्द आज फिर छलक उठा है. उन्होंने बताया कि उनके दिव्यांग बेटे अजीत की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने राज सिंह और उसके साथियों से अंडे के पैसे मांग लिए थे. 'अंडा खाकर पैसा मांगने पर उन्होंने धमकी दी और फिर काली मंदिर के पास गोली मार दी.' यह कहते हुए पिता की आवाज भर आती है.

एक बेसहारा परिवार की दास्तां

अजीत की मौत के बाद उसके छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया और अब उनकी मां भी साथ नहीं है।. पारस गुप्ता कहते हैं कि 'हमारा लड़का मरने के बाद हम बहुत तकलीफ में हैं. ये बच्चे हैं, इनकी मां भी नहीं है. वो राज सिंह पहले से क्रिमिनल है, उसने ऐसी बहुत सी घटनाएं की हैं.'

 जमानत पर बाहर और फिर बड़ा कांड

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, राज सिंह 2020 के उसी मर्डर केस में जमानत पर बाहर चल रहा था. इसी दौरान उसका नाम बंगाल के सबसे बड़े मर्डर केस से जुड़ा. पुलिस अब यह जांच रही है कि एक छोटे शहर का हिस्ट्रीशीटर आखिर बंगाल के इतने बड़े राजनीतिक हत्याकांड का हिस्सा कैसे बन गया. बलिया के एक छोटे से घर में बैठकर पारस गुप्ता आज भी जिला जज की अदालत के चक्कर काट रहे हैं. बंगाल पुलिस द्वारा राज सिंह की गिरफ्तारी के बाद उन्हें उम्मीद जगी है कि शायद अब उनके बेटे के हत्यारे को सख्त सजा मिलेगी.वह बस एक ही बात दोहराते हैं कि उन्हें इंसाफ चाहिए.