मां का कटा हाथ लेकर 3 दिन तक भटकता रहा ITBP का जवान विकास सिंह, अस्पताल पर लगाए चौंकाने वाले आरोप

सिमर चावला

19 May 2026 (अपडेटेड: 18 Jul 2026, 10:24 PM)

Kanpur ITBP jawan Vikas Singh News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आईटीबीपी में तैनात एक जवान पिछले तीन दिनों से अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की मांग करता घूम रहा है.

Kanpur news, ITBP jawan Vikas Singh, hospital negligence case, medical negligence India, amputated hand case, Uttar Pradesh news

ITBP jawan Vikas Singh (File Photo)

Google CTA

UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आईटीबीपी में तैनात जवान विकास सिंह पिछले तीन दिनों से अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की मांग करता घूम रहा है. जवान ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. जानकारी के अनुसार, विकास सिंह महाराजपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और वर्तमान में आईटीबीपी में सिपाही के पद पर तैनात हैं. पीड़ित जवान का आरोप है कि उनकी मां को सांस लेने में दिक्कत होने पर टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.

यह भी पढ़ें...

जवान के मुताबिक अस्पताल में भर्ती होने के अगले ही दिन इलाज के दौरान लापरवाही की वजह से उनकी मां के हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया. हालत ज्यादा खराब होने पर अस्पताल ने उन्हें पारस अस्पताल रेफर कर दिया. इसके बाद पारस अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया कि संक्रमण पूरे हाथ में फैल चुका है और महिला की जान बचाने के लिए हाथ काटना जरूरी हो गया है. इसके बाद 17 मई को ऑपरेशन कर महिला का दाहिना हाथ काट दिया गया.

पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचा जवान

जवान का आरोप है कि घटना के बाद वह लगातार थाना रेल बाजार के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर मंगलवार को वह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंच गया.

इस मामले को लेकर जवान की बटालियन में भी हलचल मच गई है. बटालियन के लाइजनिंग अधिकारी अर्पित सिंह ने बताया कि इससे पहले भी कृष्णा हॉस्पिटल में उनके दो जवानों के साथ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए हैं. अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.

सीएमओ को जांच के निर्देश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को पूरे मामले की मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं. फिलहाल महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है.