एडमिशन नहीं मिला तो स्टूडेंट ने IIT कानपुर की वेबसाइट को किया हैक, अब संस्थान देगा स्किल्स साबित करने का मौका

सिमर चावला

• 10:05 AM • 29 Jul 2026

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर में B.Tech साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में एडमिशन न मिलने के बाद एक छात्र ने  तौर पर संस्थान की वेबसाइट हैक कर उस पर एक संदेश छोड़ दिया. मैसेज में लिखा था, 'साइट हैक हो गई है, मुझे बस एक निष्पक्ष मौका चाहिए.'

IIT Kanpur Website Hack News

IIT Kanpur Website Hack News (Photo: AI)

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IIT Kanpur Website Hack News: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर में B.Tech साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में एडमिशन न मिलने के बाद एक छात्र ने  तौर पर संस्थान की वेबसाइट हैक कर उस पर एक संदेश छोड़ दिया. मैसेज में लिखा था, 'साइट हैक हो गई है, मुझे बस एक निष्पक्ष मौका चाहिए.' छात्र का दावा है कि उसका उद्देश्य वेबसाइट को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी साइबर सिक्योरिटी स्किल्स दिखाकर खुद को साबित करना था. मामले के सामने आने के बाद IIT कानपुर ने पहले एफआईआर पर विचार किया, लेकिन बाद में छात्र को उसकी क्षमता साबित करने का अवसर देने का फैसला किया.

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खुद ली  हैकिंग की जिम्मेदारी

घटना के बाद छात्र ने X और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर  हैकिंग से जुड़े स्क्रीनशॉट साझा किए. उसने दावा किया कि वेबसाइट में सेंध लगाने का मकसद किसी तरह का नुकसान पहुंचाना नहीं था. छात्र के अनुसार, वह केवल यह दिखाना चाहता था कि उसके पास साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में अच्छी क्षमता है और उसे एक निष्पक्ष मौका मिलना चाहिए. वेबसाइट पर छोड़ा गया संदेश भी इसी बात की ओर इशारा करता है.

IIT अब टेस्ट के जरिए करेगा मूल्यांकन

IIT कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि B.Tech साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में दाखिले के दौरान उम्मीदवारों को हैकाथॉन के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमता दिखाने का अवसर दिया गया था. हालांकि, संबंधित छात्र उस प्रक्रिया में खुद को साबित नहीं कर पाया था. अब संस्थान ने फैसला किया है कि छात्र को एक अलग साइबर सिक्योरिटी असेसमेंट के लिए बुलाया जाएगा. यदि उसके दावे और तकनीकी कौशल सही पाए गए, तो मूल्यांकन के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा.

पहले FIR का विचार, फिर बदला फैसला

शुरुआत में IIT कानपुर के अधिकारियों ने  हैकिंग को देखते हुए छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का सुझाव दिया था. हालांकि, बाद में संस्थान ने कानूनी कार्रवाई से पहले उसकी वास्तविक क्षमता परखने का रास्ता चुना. संस्थान का मानना है कि यदि किसी छात्र में प्रतिभा है, तो उसे सही दिशा देने की कोशिश की जानी चाहिए, लेकिन इसके साथ डिजिटल सुरक्षा और कानून का पालन भी उतना ही जरूरी है.

पहले भी साइबर टैलेंट को मिला है मौका

IIT कानपुर पहले भी साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देता रहा है. हाल ही में CBSE के ऑनलाइन पोर्टल में सुरक्षा संबंधी कमियां (Vulnerabilities) खोजने वाले एक व्यक्ति को संस्थान के C3iHub साइबर सिक्योरिटी सेंटर के साथ काम करने का मौका दिया गया था. इसी सोच के तहत इस मामले में भी संस्थान ने छात्र की वास्तविक क्षमता का मूल्यांकन करने का फैसला किया है.

डायरेक्टर ने क्या कहा?

IIT कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने हमसे बातचीत में कहा, 'IIT कानपुर में एडमिशन की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी और इसमें कुछ कानूनी व प्रक्रिया से जुड़े पहलू भी शामिल थे. फिर भी हम छात्र का भविष्य खराब नहीं करना चाहते थे, इसलिए उसे एक मौका देने का फैसला किया. अब उसका टेस्ट लिया जाएगा और अगर वह टेस्ट पास करता है तथा सभी जरूरी शर्तें पूरी करता है, तो उसके एडमिशन पर विचार किया जा सकता है. साथ ही, हम दूसरे छात्रों को यह संदेश भी देना चाहते हैं कि मौके पाने के लिए इस तरह के तरीके अपनाना सही नहीं है. छात्रों को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए हमेशा सही और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए.'