Jhansi Fraud Marriage Case: झांसी के नया गांव से निकली यह दास्तां किसी फिल्मी सस्पेंस से कम नहीं है. यह कहानी रामजी अहिरवार की है, जिन्होंने एक महिला संग शादी की. लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिसे वह अपना जीवनसाथी समझ रहे हैं वह उनके अपने ही रिश्तेदार की बिछाई हुई हनीट्रैप की बिसात है.
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दरअसल, रामजी अहिरवार अपनी पत्नी की मौत के बाद बुजुर्ग मां के साथ अकेले रह रहे थे. इसी अकेलेपन का फायदा उठाया उनके रिश्तेदार उमेश ने. उमेश ने रश्मि नाम की महिला से रामजी की मुलाकात करवाई. दावा किया कि महिला तलाकशुदा है और घर बसाना चाहती है. रामजी ने भरोसे में आकर मंदिर में ब्याह रचा लिया.
दीदी से बात या प्रेमी से मुलाकात?
शादी के बाद से ही रश्मि का रंग-ढंग बदला हुआ था. वह रामजी से दूरी बनाती और घंटों फोन पर चिपकी रहती. पूछने पर कहती दीदी से बात कर रही हूं. पर सच तो यह था कि दीदी के बहाने वह अपने असली आशिक यानी उमेश से बातें करती थी.
ढाई महीने के गर्भ से पलट गया खेल
कहानी में मोड़ तब आया जब रश्मि बीमारी का बहाना बनाकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुई. जांच हुई तो रामजी के पैरों तले जमीन खिसक गई. रश्मि ढाई महीने की प्रेग्नेंट थी, और बच्चा रामजी का नहीं बल्कि रिश्ता कराने वाले उसी उमेश का था.
रामजी का आरोप है कि ये लोग सिर्फ शादी नहीं, बल्कि उनकी जान लेने की फिराक में थे. साजिश थी कि कोर्ट मैरिज के बाद रामजी को एक्सीडेंट में मरवा दिया जाए और प्रॉपर्टी हड़प ली जाए. आरोप है कि जब रामजी ने विरोध किया, तो रश्मि अपने साथियों के साथ लौटी. घर का ताला तोड़ा, डेढ़ लाख के जेवर और करीब 1 लाख नकद लेकर रफूचक्कर हो गई.
मैसेज पर मिला तलाक
शातिर दुल्हन ने अब मैसेज करके साफ कह दिया है कि वह अपने प्रेमी के साथ रह रही है और वापस नहीं आएगी. इतना ही नहीं, अब रामजी पर 5 लाख रुपये और जमीन नाम करने का दबाव बनाया जा रहा है, वरना झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है.
रामजी अपनी बुजुर्ग मां के साथ घर छोड़ चुके हैं. उन्होंने एसएसपी झांसी से न्याय की गुहार लगाई है. प्रेमनगर थाना पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर इस लुटेरी दुल्हन और उसके मास्टरमाइंड प्रेमी की तलाश कर रही है.
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