Noida Cyber Fraud: विदेशी यात्रा के लिए अगर आपने कभी ऑनलाइन माध्यम से एयरलाइन की टिकट बुक की है, तो ये खबर आपके होश उड़ा देगी. दरअसल उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों के गिरोह को पकड़ा है, जो एयरलाइन टिकट बुकिंग के नाम पर अमेरिका और यूरोप के नागरिकों से ठगी कर रहे थे. पुलिस ने ठगों के इस पूरे संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 13 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में करीब 10.50 लाख अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 10 करोड़ रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं. इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से 13 लैपटॉप, 16 मोबाइल और साइबर क्राइम में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण बरमाद किए हैं. पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
ADVERTISEMENT
विदेशी लहजे से होती थी ठगी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के सभी सदस्य काफी पढ़े-लिखे हैं और तकनीक की अच्छी जानकारी रखते हैं. ये शातिर ठग पेड विज्ञापन चलाते थे. खासतौर पर अमेरिका और यूरोप के लोगों को इंटरनेट पर पेड विज्ञापन के माध्यम से अपना टारगेट बनाते थे. जब कोई भी विदेशी नागरिक विज्ञापन पर दिए नंबर पर कॉल करता था, तो ये कॉल सीधे ठगों के सिस्टम पर पहुंचती थी. इसके बाद आरोपी अमेरिकी और यूरोपीय लहजे में बात करके खुद को एक नामी एयरलाइन कंपनी का कर्मचारी बताकर उन्हें सस्ती दरों पर टिकट दिलाने का भरोसा दिलाते थे. जिसके चलते विदेशी नागरिक इन ठगों पर आसानी से भरोसा करके इनका शिकार बन रहे थे.
महीनों बाद की बुक करते थे टिकट
पुलिस की जांच में ये जानकारी सामने आई है कि यह गिरोह सस्ते टिकट का लालच देता था और अंतरराष्ट्रीय पेमेंट गेटवे के जरिए डॉलर में रकम वसूलता था. पुलिस के मुताबिक, 'आरोपियों की चालाकी यह थी कि वे अक्सर कई महीने बाद की जाने वाली यात्रा की टिकट बुक करते थे.' जिससे पीड़ितों को इस धोखाधड़ी की जानकारी का पता काफी देर में चलता था. इसके अलावा कुछ मामले ऐसे भी हैं, जब इन ठगों ने विदेशी नागरिकों को फर्जी टिकट भेजे हैं. जबकि कई मामलों में इस गिरोह ने कोई भी टिकट जारी नहीं किया है.
विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर जांच जारी
गिरफ्तार किए गए सभी 13 आरोपियों के ठिकानों से पुलिस ने 13 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन और साइबर क्राइम में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद किए गए सभी डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. नोएडा पुलिस अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार भारत के बाहर फैले अन्य साइबर अपराध नेटवर्कों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसलिए अब विदेशी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की गहन तफ्तीश की जा रही है.
यह भी पढ़ें: 'चौराहे से पीटते हुए ले जाऊंगा…', मुरादाबाद में तैनात SHO हमवीर सिंह ने किसे दे डाली चेतावनी?
ADVERTISEMENT










