Gonda News: गोंडा में 5 अगस्त को होगा जिला स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव, पशुपालकों को मिलेगी आधुनिक तकनीक और योजनाओं की जानकारी

Newzo

• 04:46 PM • 04 Aug 2026

Gonda Dairy Conclave News: गोंडा में 5 अगस्त को जिला स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव आयोजित होगा, जहां पशुपालकों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, चारा प्रबंधन, नन्द बाबा दुग्ध मिशन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी. कार्यक्रम का उद्देश्य डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देकर पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है.

 गोंडा में 5 अगस्त को होगा जिला स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव, पशुपालकों को मिलेगी आधुनिक तकनीक और योजनाओं की जानकारी

गोंडा में 5 अगस्त को होगा जिला स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव, पशुपालकों को मिलेगी आधुनिक तकनीक और योजनाओं की जानकारी

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Gonda Dairy Conclave News: जिले में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 5 अगस्त को जिला पंचायत सभागार में जिला स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जाएगा. दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा. इसमें जिले के प्रगतिशील पशुपालक, दुग्ध उत्पादक, विभागीय अधिकारी, वैज्ञानिक और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे.

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कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना और उन्हें आधुनिक एवं वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन की जानकारी देना है. कार्यक्रम में नन्द बाबा दुग्ध मिशन, दुग्ध नीति-2022, आधुनिक डेयरी प्रबंधन, औपचारिक दुग्ध प्रसंस्करण, चारा प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ विस्तृत जानकारी देंगे.

इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक भी पशुपालकों को बेहतर दुग्ध उत्पादन, वैज्ञानिक पशुपालन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के बारे में मार्गदर्शन देंगे. इससे पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी. कार्यक्रम में विभागीय योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री भी वितरित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें.

दुग्ध आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर उप दुग्धशाला विकास अधिकारी अनुज कुमार यादव को इस कॉन्क्लेव का समन्वयक बनाया गया है. वहीं, मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आयोजन की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने और अधिक से अधिक पशुपालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. विभाग का मानना है कि यह कॉन्क्लेव जिले में डेयरी विकास को नई दिशा देने और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.