अबान की मौत के बाद झांसी जेल में ऐसी हुई अली की हालत, न खाया न पीया सिर्फ रोता रहा

सिर पर सफेद रुमाल, काले कपड़े और मूंछों पर ताव... इस अंदाज में जब अली अहमद प्रयागराज पहुंचा तो उसकी तस्वीरें चर्चा में आ गईं. लेकिन भाई अबान अहमद को अंतिम विदाई देने के दौरान अली का दूसरा ही रूप नजर आया. कब्रिस्तान में पिता अतीक अहमद और चाचा के पास दोनों भाइयों की कब्र देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़ा.

Ali Ahmed Jhansi Jail News

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Ali Ahmed Jhansi Jail News: सिर पर सफेद रुमाल, काले कपड़े और मूंछों पर ताव... इस अंदाज में जब अली अहमद प्रयागराज पहुंचा तो उसकी तस्वीरें चर्चा में आ गईं. लेकिन भाई अबान अहमद को अंतिम विदाई देने के दौरान अली का दूसरा ही रूप नजर आया. कब्रिस्तान में पिता अतीक अहमद और चाचा के पास दोनों भाइयों की कब्र देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़ा. सबसे छोटे भाई अबान की मौत का सदमा उसके लिए बेहद गहरा बताया जा रहा है. अबान अक्सर झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने जाता था और उसके लिए किताबें भी लेकर आता था. भाई को दफनाने के बाद अली वापस झांसी जेल पहुंचा तो वहां भी उसकी हालत बेहद खराब बताई जा रही है.

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कांपते हाथों से भाई को दी मिट्टी

अली को कोर्ट के आदेश के बाद पैरोल पर प्रयागराज लाया गया था. शनिवार सुबह करीब 9 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस उसे झांसी जेल से प्रयागराज के कसारी-मसारी लेकर पहुंची. यहां उसने अबान के जनाजे में हिस्सा लिया, भाई को कंधा दिया और अंतिम विदाई के दौरान भावुक होकर रोता रहा. सुपुर्द-ए-खाक के बाद उसे वापस झांसी जेल के लिए रवाना किया गया. रविवार तड़के करीब 4:30 से 4:38 बजे के बीच अली को झांसी जेल वापस लाया गया. मीडिया ने उससे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उसने सिर्फ हाथ उठाकर इशारा किया और कुछ नहीं कहा.

जेल पहुंचते ही अबान की याद में रोने लगा अली

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि झांसी जेल लौटने के बाद अली अपने छोटे भाई के गम में डूबा रहा. जब-जब उसे अबान की याद आती है, वह फूट-फूटकर रोने लगता है. साथ ही अली बार-बार इस बात को याद कर रहा है कि उसका सबसे छोटा भाई अब इस दुनिया में नहीं रहा. अबान ही अक्सर उससे मिलने झांसी जेल आता था, उसकी बातें सुनता था और परिवार तक उसका संदेश पहुंचाता था. बताया जा रहा है कि अबान की लाई हुई किताबों को देखते या पढ़ते समय भी अली भावुक हो जाता है.

दिनभर नहीं खाया खाना

जेल से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अबान की मौत के सदमे में अली ने दिन में खाना नहीं खाया और रात में भी खाना नहीं खाया. वह लगातार बेचैन रहा और भाई को याद करके रोता रहा. उसके करीबियों के मुताबिक अली के लिए अबान सिर्फ छोटा भाई नहीं बल्कि बेहद करीबी था. यही वजह है कि उसकी मौत ने अली को अंदर तक तोड़ दिया है. अबान की याद और उससे जुड़ी चीजें अली के दर्द को और बढ़ा रही हैं.

अली से मिलने जा रहा था अबान

अबान 6 अगस्त को झांसी में अपने बड़े भाई अली से मिलने के लिए आ रहा था. इसी दौरान झांसी-कानपुर हाईवे पर पूछ थाना क्षेत्र के ग्राम खिल्ली के पास सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई. परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव प्रयागराज लेकर पहुंचे. बताया जा रहा है कि जिस कार से अबान यात्रा कर रहा था, उसके डैशबोर्ड से दो अंग्रेजी लव स्टोरी नॉवेल भी मिले थे. कहा जा रहा है कि ये किताबें वह अपने बड़े भाई अली के लिए लेकर आ रहा था. इसी वजह से अबान की मौत के बाद अली का दर्द और भी गहरा बताया जा रहा है.

पैरोल की शर्तों के साथ प्रयागराज आया था अली

अली के साथ लखनऊ जेल में बंद उसका भाई उमर भी कोर्ट के आदेश के बाद प्रयागराज पहुंचा था. पैरोल की अनुमति देते हुए कोर्ट ने शर्त रखी थी कि दोनों पुलिस सुरक्षा में सीधे कब्रिस्तान जाएंगे और इसके बाद वापस जेल लौटेंगे. उन्हें मीडिया से बातचीत नहीं करनी थी. अबान की मौत के बाद अली का प्रयागराज आना इसी प्रक्रिया के तहत हुआ. भाई को अंतिम विदाई देकर लौटे अली की जेल में भावुक हालत ने एक बार फिर दिखाया कि अबान से उसका रिश्ता कितना करीबी था. अबान की मौत ने परिवार के लिए एक गहरा दुख छोड़ दिया है.