Pilibhit Vedaram Murder Case: पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र के बिलहरी गांव में 21 साल पुरानी हत्या की रंजिश ने एक बार फिर खूनी मोड़ ले लिया. मंगलवार सुबह 45 साल के वेदराम का खून से लथपथ बॉडी मिलने के बाद गांव में सनसनी फैल गई. परिजनों ने धारदार हथियार से हत्या किए जाने का आरोप लगाया है. इस मामले में नौ लोगों को नामजद किया गया है और पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक वारदात के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है. हालांकि मामले की जांच जारी है.
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2005 में शुरू हुई थी विवाद की कहानी
इस पूरे मामले की शुरुआत साल 2005 के उस विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, जब बिलहरी गांव में घूरे की जगह को लेकर दो परिवारों की महिलाओं और बच्चों के बीच विवाद हुआ था. आरोप के मुताबिक इसी विवाद के दौरान वेदराम ने नंदराम की हत्या कर दी थी. इस मामले में वेदराम समेत उसके परिवार के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. अदालत से सजा होने के बाद वेदराम और उसके परिवार के लोगों को जेल जाना पड़ा. करीब सात साल की सजा पूरी करने के बाद वेदराम गांव लौट आए थे. इसके बाद समय बीतने के साथ दोनों परिवारों के बीच हालात सामान्य होने की बात सामने आई थी.
वेदराम का घर के सामने मिला शव
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह करीब सात बजे वेदराम शौच के लिए खेत की ओर जा रहे थे. कुछ समय बाद उनका शव गांव में नंदराम के बेटों के घर के सामने पड़ा मिला. शव की हालत देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई. परिजनों ने आरोप लगाया कि वेदराम को धारदार हथियार से मारा गया है. घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों ने हंगामा करते हुए एसपी को मौके पर बुलाने की मांग की.
पत्नी ने क्या कहा?
मृतक की पत्नी माधुरी देवी ने घटना को लेकर आरोप लगाया कि वेदराम को शौच के लिए जाते समय रास्ते से खींचकर ले जाया गया और फिर मार दिया गया. उन्होंने कहा, 'इन्हें मार डाला... इन्हें यहाँ से ले गए, खम्बे जी की तरफ ले जाकर मार डाला. वे शौच के लिए गए थे, वहीं उन्हें खींचकर ले गए.' माधुरी देवी ने रामदेव और श्यामदेव का नाम लेते हुए पुरानी दुश्मनी की बात कही. उन्होंने कहा, 'वह बहुत दिन पहले सजा काटकर आए थे. हमारा सब कुछ बर्बाद हो गया, घर में कुछ नहीं बचा, सब कुछ लुट गया.'
बेटी ने कई लोगों पर लगाया हत्या का आरोप
मृतक की बेटी अनीता ने भी वारदात को लेकर कई लोगों के नाम लिए. उन्होंने कहा, 'मेरे पापा लैट्रिन गए रहे और उन्होंने वहीं उन्हें मारा.' अनीता ने रामदेव, श्यामदेव, राकेश, फलगु, श्रीदेव, भूरा और उनके बच्चों पर हत्या का आरोप लगाया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब कोई दुश्मनी नहीं थी. उनका कहना था, 'कोई दुश्मनी नहीं रही. पहले की रही हो तो बहुत पहले की रही हो, अब कोई दुश्मनी नहीं रही है.' अनीता के मुताबिक उनकी मां के पहुंचने के बाद आरोपी वहां से भाग गए और शव को ले जाने की कोशिश की जा रही थी.
पुलिस को सुबह 7:30 बजे मिली सूचना
एएसपी हिमांशु गौरव ने बताया कि 29 सितंबर को सुबह 7:30 बजे पूरनपुर थाने को बिलहरी गांव में वेदराम की हत्या की सूचना मिली. उन्होंने बताया, 'सूचना मिलते ही एसएचओ पूरनपूर और सीओ पूरनपूर की फोर्स ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.' एएसपी के मुताबिक परिवार की ओर से तहरीर मिल गई है और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ चल रही है.
21 साल पुरानी रंजिश फिर क्यों बनी हत्या की वजह?
वेदराम की हत्या के बाद गांव में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 21 साल बाद पुराना विवाद फिर इतना बढ़ गया कि हत्या हो गई. ग्रामीणों के मुताबिक नंदराम की हत्या के बाद दोनों परिवारों के बीच लंबे समय तक तनाव रहा था. वेदराम सजा काटकर गांव लौटे और कई साल तक दोनों परिवारों के बीच हालात सामान्य बताए गए. इसके बावजूद अब हुई हत्या ने पुराने विवाद को फिर सामने ला दिया है.
ग्रामीण ने बताया- ‘आज उन्होंने अपना बदला फिर से लिया’
गांव के उमेश चंद्र दीक्षित ने 21 साल पुरानी कहानी बताते हुए कहा, 'आज से लगभग 21 साल पहले घूरे के चक्कर में दोनों घरों की महिलाओं और बच्चों में विवाद हो गया था. उस विवाद में जो आज लड़कों ने मारा है, इनके पिता की पहले ही उसी वक्त हत्या हो गई थी, 21 साल पहले. आज वही उन्होंने अपना बदला फिर से लिया है उन बच्चों ने.' उन्होंने कहा कि बदले की यह कहानी दोनों परिवारों को बर्बादी की ओर ले जा रही है.
नौ आरोपियों पर केस हुआ दर्ज
मामले में कुल नौ नामजद आरोपियों के नाम सामने आए हैं. इनमें रामदेव, श्याम देव, फलगू, श्रीदेव, भूरा, नमनीत, अवधेश, विशाल और फलगू का दामाद शामिल हैं. दी गई जानकारी के मुताबिक रामदेव और श्याम देव के पिता का नाम नन्दराम है, जबकि फलगू, श्रीदेव और भूरा के पिता का नाम प्यारेलाल है. नमनीत फलगू का बेटा और विशाल भूरा का बेटा बताया गया है. अवधेश के पिता का नाम उपलब्ध जानकारी में दर्ज नहीं है, जबकि फलगू के दामाद का नाम दर्ज नहीं है. मामले में BNS की धारा 191(2), 191(3), 190 और 103(1) दर्ज हैं.
एएसपी हिमांशु गौरव ने क्या बताया?
घटना के बाद एएसपी हिमांशु गौरव, सीओ और कोतवाल पवन पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया. पुलिस ने रामदेव और श्यामदेव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. थाना प्रभारी पवन पाण्डेय के मुताबिक, 'मृतक आरोपी के घर के बाहर से निकल रहा था, उसी समय दोनों एक-दूसरे को चिढ़ाने लगे. रंजिश चल ही रही थी जिसके चलते हत्या की घटना को अंजाम दिया गया.' फिलहाल पुलिस वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
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