झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र के राजापुर गांव में एक युवक करीब 20 साल बाद पत्नी और चार बच्चों के साथ लौटा है. युवक का दावा है कि वह मजदूरी करने पश्चिम बंगाल गया था, जहां उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया और नाम राजकुमार से बदलकर रफीक रख दिया गया. इसके बाद उसकी शादी एक मुस्लिम युवती से करा दी गई.
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अब युवक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दोबारा हिंदू धर्म अपनाना चाहता है. इसके लिए उसने झांसी के जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी गांव पहुंची और परिवार से पूछताछ की.
मजदूरी करने गया था बंगाल, नाम बदलकर रफीक हो गया
राजापुर गांव निवासी राजकुमार करीब 20 साल पहले काम की तलाश में पश्चिम बंगाल के मालदा गया था. वहां उसने मजदूरी शुरू की. राजकुमार का आरोप है कि स्थानीय लोगों ने उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया. उसका कहना है कि मजबूरी में उसने धर्म बदल लिया और उसका नाम राजकुमार से रफीक हो गया.
आधार कार्ड भी रफीक के नाम से बन गया... इसके बाद उसकी शादी अफसरी खातून नाम की मुस्लिम युवती से करा दी गई. शादी के बाद उनके चार बच्चे हुए और बच्चों के नाम भी मुस्लिम रखे गए.
पत्नी और बच्चों के साथ लौटा झांसी
करीब पांच साल पहले भी राजकुमार उर्फ रफीक झांसी आया था और फिर वापस बंगाल चला गया. इस बार वह अपनी पत्नी और चार बच्चों को लेकर राजापुर गांव पहुंचा है. उसका कहना है कि अब वह अपनी मां के साथ रह रहा है.
रफीक का आरोप है कि गांव लौटने के बाद उसके रिश्तेदार उसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं और मुस्लिम होने का ताना देते हैं. इसके बाद उसने जिलाधिकारी से धर्म और नाम वापस बदलने की गुहार लगाई है. रफीक का कहना है कि वह फिर से हिंदू बनना चाहता है. उसकी पत्नी भी हिंदू धर्म अपनाने के लिए तैयार है. वह चाहता है कि उसके बच्चे भी अपने धर्म में वापस जाएं.
ग्राम प्रधान ने बताई जमीन और मुआवजे की बात
राजापुर के ग्राम प्रधान गोविंद सिंह यादव ने बताया कि मामले की जांच जिलाधिकारी कार्यालय से कराई जा रही है. उनका कहना है कि जो निर्णय होगा, गांव उसे मानेगा. पुलिस भी मामले की जानकारी लेने गांव पहुंची थी.
ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में चर्चा है कि रफीक के परिवार की जमीन बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी बीडा में चली गई है और परिवार को उसका मुआवजा मिला है. उनके मुताबिक, रफीक के भाई और मां के नाम पैसा था और उन्हें कुछ पैसा देने के साथ मकान भी बनवाया गया है.
गोविंद सिंह यादव के मुताबिक, रफीक के नाम जमीन नहीं थी क्योंकि वह अपने पिता की मृत्यु से पहले ही गांव छोड़कर चला गया था. उनकी मां का हिस्सा मिला है, लेकिन रफीक को जमीन में हिस्सा नहीं मिला. ग्राम प्रधान ने कहा कि गांव में इस मामले को लेकर समाज की बैठक होगी और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा.
पुलिस ने गांव पहुंचकर की पूछताछ
मामले की जानकारी लेने गांव पहुंचे दरोगा ने बताया कि रफीक की मां ने उसकी पहचान अपने बेटे के तौर पर की है. पुलिस के मुताबिक, युवक ने शिकायत की है कि वह कमाने के लिए बंगाल गया था, जहां उसका धर्म परिवर्तन कराकर शादी करा दी गई. अब वह वापस घर लौट आया है और हिंदू धर्म अपनाना चाहता है. उसके साथ उसकी पत्नी भी हिंदू धर्म अपनाने की बात कह रही है. मामले की जांच की जा रही है.
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