'हम गए, पर 3 दिन तक नहीं मिल पाए…' प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मां को इस बात का जीवन भर रहेगा दर्द

यूपी तक

• 04:31 PM • 29 Sep 2026

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने शरीर पर कई गंभीर चोटों की जानकारी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक मौत गंभीर चोटों के कारण हुए हेमोरेजिक शॉक और अत्यधिक रक्तस्राव से हुई.

Rasik Dulari Sharan Death Case

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Rasik Dulari Sharan Death Case: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने शरीर पर कई गंभीर चोटों की जानकारी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक मौत गंभीर चोटों के कारण हुए हेमोरेजिक शॉक और अत्यधिक रक्तस्राव से हुई. इसी बीच दीपक की मां ने बेटे के वृंदावन जाने, वहां भक्ति करने और उससे मुलाकात नहीं हो पाने को लेकर कई बातें बताई हैं. मां के मुताबिक वह बेटे से मिलने के लिए वृंदावन गईं और करीब तीन दिन तक वहां रहीं, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी.

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रसिक दुलारी शरण की मां ने क्या बताया?

रसिक दुलारी शरण की मां ने बताया कि उनका बेटा पहले वृंदावन गया था और वहां परिक्रमा की थी. इसके बाद वह वापस घर आया, लेकिन फिर दूसरी बार वृंदावन चला गया. मां के मुताबिक दीपक ने उनसे कहा था कि वह वहीं रहकर भक्ति करना चाहता है. उन्होंने बताया 'फिर कही मम्मी, हम यहीं भक्ति कर हैं.' इसके बाद दीपक करीब आठ महीने तक वहां रहा. मां ने बताया कि बाद में फोन आया कि गुरु दीक्षा उनके बिना नहीं मिलेगी, जिसके बाद परिवार वृंदावन पहुंचा और दीपक को समझाने की कोशिश की.

मां ने बताया बेटा नहीं मिलता था

मां के मुताबिक रसिक दुलारी से मिलने के लिए वह एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार वृंदावन गईं. लेकिन हर बार उन्हें अलग-अलग बातें बताई गईं. कभी कहा गया कि दीपक वहां नहीं है, तो कभी बताया गया कि वह कहीं और है. मां ने बताया कि सुबह कहीं और और शाम को कहीं होने की बात कही जाती थी. उन्होंने कहा कि एक बार वह करीब तीन दिन तक वहां रहीं, फिर भी दीपक से मुलाकात नहीं हो सकी. मां के अनुसार उन्हें कभी बताया गया कि दीपक भक्ति में है, कभी गुरु जी के साथ है और कभी भीड़ की वजह से मुलाकात नहीं हो रही है.

मां-पापा मिलने आए, फिर भी नहीं हुई बात

रसिक दुलारी (दीपक) की मां ने बताया कि उन्होंने यह भी जानकारी भेजी थी कि उसके मम्मी-पापा उससे मिलने आए हैं. उनके मुताबिक, उन्होंने फोटो भी भेजे थे, लेकिन इसके बावजूद मुलाकात नहीं कराई गई. जब उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों हुआ, तो उन्होंने कहा कि हो सकता है वहां के कुछ नियम हों, जिनकी उन्हें जानकारी नहीं थी. मां ने कहा 'हम तो गए तो अपन से मिली नहीं है वो.' उन्होंने यह भी बताया कि दीपक के साथ फोन पर बातचीत भी नहीं हो पाती थी. मां के मुताबिक, उन्हें यह तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती थी कि दीपक उस समय कहां है.

 पढ़ाई में अच्छा था, पूजा-पाठ भी करता था

मां ने अपने बेटे के स्वभाव के बारे में बताते हुए कहा कि दीपक पढ़ाई-लिखाई में अच्छा था और बाद में भक्ति में भी काफी समय देने लगा था. उनके मुताबिक, वह करीब दो घंटे पूजा-पाठ करता था और पढ़ाई-लिखाई भी करता था. मां ने कहा, 'हम बेटा को यही कहते थे, पढ़ो-लिखो, सब अच्छा रहो.' उन्होंने बताया कि दीपक साल में करीब आठ बार घर आता था. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि उनका बेटा खुद ऐसा कदम उठा सकता था, तो उन्होंने साफ कहा, 'नहीं, ऐसे नहीं लगे. ऐसे नहीं लगे कि ये कदम उठा सकते थे.' इसके बाद उन्होंने कहा कि वहां ऊपर वाला ही जाने, क्योंकि वह खुद वहां नहीं रहीं.

पोस्टमार्टम में कई गंभीर चोटों का जिक्र

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दीपक के शरीर पर सिर, होंठ, ठोड़ी, पैर, पसलियों, फेफड़े और जननांग समेत कई हिस्सों में गंभीर चोटें मिलीं. सिर के पीछे चोट के साथ खून जमा था और खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर मिला. सिर के घाव में 14 टांके लगे थे. निचले होंठ और ठोड़ी पर भी कटे हुए घाव थे. जननांग से जुड़ी गंभीर चोट में पेनिस शरीर से अलग होने और बेस पर टांके लगे घाव का जिक्र है. पैर में करीब 5×1 सेंटीमीटर का घाव और नीचे की हड्डी में फ्रैक्चर मिला. बाईं पांचवीं से आठवीं पसली तक फ्रैक्चर और बायां फेफड़ा फटा हुआ था. फेफड़े के आसपास खून और थक्के मिले. रिपोर्ट में मौत पोस्टमार्टम से करीब एक दिन पहले होने का अनुमान है और मौत की वजह गंभीर चोटों से हुआ हेमोरेजिक शॉक बताया गया है. घटना के बाद कमरे से ग्राइंडर मिलने की बात भी सामने आई है. मौत की परिस्थितियों की अलग-अलग एंगल से जांच की जा रही है.