'उसके साथ गलत हुआ है, 2-4 लोग मिलकर...' रसिक दुलारी के बाबा प्रेम लाल पटेल ने पोते के मौत पर लगाए गंभीर आरोप, की ये मांग!

यूपी तक

• 10:14 AM • 29 Sep 2026

मथुरा में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार सवालों में है. परिजन उनकी मौत को आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं और पूरे मामले में साजिश की आशंका जता रहे हैं.

Rasik Dulari Grand Father Prem Lal Patel

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Rasik Dulari Grand Father Prem Lal Patel News: मथुरा में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार सवालों में है. परिजन उनकी मौत को आत्महत्या मानने से इनकार कर रहे हैं और पूरे मामले में साजिश की आशंका जता रहे हैं. परिवार का कहना है कि दीपक की मौत की जानकारी मिलने के बाद उन्हें काफी देर तक आश्रम और अस्पताल के बीच भटकना पड़ा और उन्हें तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. आश्रम में भी उन्हें कई सवालों के जवाब नहीं मिले. अब परिजनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के साथ CBI जांच की मांग की है. वहीं पुलिस के मुताबिक CCTV फुटेज की जांच में प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या का मामला सामने आया है और परिवार की शिकायत के बाद सभी पहलुओं की जांच जारी है.

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'दीपक पढ़ाई-लिखाई में बहुत होशियार था'

दीपक के बाबा प्रेम लाल पटेल लोधी ने उनकी मौत को लेकर साजिश की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि दीपक पढ़ाई-लिखाई में बहुत होशियार था और पूजा-पाठ से भी जुड़ा हुआ था. उन्होंने कहा, 'दीपक पढ़ाई-लिखाई में बहुत होशियार था. पूजा-पाठ में भी जुड़ा था. उसने शादी करने से मना किया था और कहा था कि छोटे वाले की शादी कर दो. उसके साथ गलत हुआ है. दो-चार लोग मिलकर गलत किए हैं. CBI की जांच होनी चाहिए.' बाबा ने यह भी कहा कि दीपक कभी पढ़ाई में फेल नहीं हुआ था. उनके मुताबिक वह धर्म और पूजा-पाठ में भी काफी समय से जुड़ा हुआ था.

पूजा-पाठ और परिक्रमा में रहने लगा था दीपक

बाबा ने बताया कि दीपक पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ गया था. उनके मुताबिक, वह महाआरती में शामिल होता था और नियमित रूप से स्नान-पूजा करता था. रात में घर पर पूजा-पाठ करने के बाद परिक्रमा के लिए भी जाता था. उन्होंने बताया कि दीपक भैयाजी सरकार के साथ परिक्रमा पर भी जाता था. इसके अलावा वह खेती-पाती और धंधे-पानी से भी जुड़ा हुआ था. बाद में उसका ध्यान पूरी तरह दूसरी ओर चला गया और वह वहां से चला गया. बाबा के मुताबिक राधा अष्टमी के मौके पर दीपक वहां गया था और इसके बाद वापस लौटकर नहीं आया.

शादी नहीं करना चाहता था दीपक

बाबा ने दीपक की शादी को लेकर भी बात की. उन्होंने बताया कि दीपक की शादी की बात चल रही थी, लेकिन वह खुद शादी नहीं करना चाहता था. बाबा ने बताया कि दीपक ने कहा था कि वह शादी नहीं करेगा और इसके बजाय छोटे भाई की शादी करा दी जाए. 

'ऐसा आदमी आत्महत्या कर ले, ये नहीं लगता'

जब बाबा से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता था कि दीपक आत्महत्या कर सकता है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया. उन्होंने कहा, 'नहीं, ऐसे आदमी जो है ना, वो आत्महत्या कर ले, लेकिन उसके संगे कोई ने. अब जो कोई ने किया हो, वो किया है.' बाबा ने आगे दीपक को मजबूत बताते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि इस मामले में एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा, 'मजबूत छ. तो दो जने, तीन जने, चार जने जरूर ओकर लगे हुए हैं. जब वो है, वो कर पाए हुए हैं.' यानी बाबा का कहना है कि दीपक जैसे मजबूत व्यक्ति के साथ कुछ गलत हुआ है और इसमें दो, तीन या चार लोग शामिल हो सकते हैं. हालांकि, यह परिजन की आशंका है.

'CBI जांच होनी चाहिए'

दीपक की मौत की जांच को लेकर परिवार ने CBI जांच की मांग की है. जब बाबा से पूछा गया कि वह किस तरह की जांच चाहते हैं, तो उन्होंने साफ कहा कि वह CBI जांच चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'जांच की मांग तो हम तो CBI को कह रहे कि CBI की जांच होनी चाहिए.' परिवार पहले ही मौत को लेकर साजिश की आशंका जता चुका है और अब मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है.

महाराज जी से भी दखल देने की अपील

बाबा से जब पूछा गया कि वह प्रेमानंद महाराज से क्या कहना चाहते हैं और क्या उन्हें इस मामले में दखल देना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि महाराज जी सब कुछ देख और समझ रहे होंगे. उन्होंने कहा, 'अब यह तो अब हम महाराज जी से का कहे दें. अब महाराज जी तो सब दाब देखे समझे, ऐसे के उनको भी बदनाम है.' बाबा ने आगे कहा कि उन्हें इस मौके पर संस्था को लेकर भी जरूरी कदम उठाए जाने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, 'लेकिन इस मौके में उनके जो करने चाहिए कि भाई, ये न तो आगे संस्था बिगड़ा से ऐसा काम हो रहे हैं और अगर अब ये दाब हो जाए तो सब संस्था आगे बढ़ जाए है. न तो रेस्मो सब डूब है.'

'स्वभाव में बहुत खुश था'

दीपक के स्वभाव के बारे में बात करते हुए बाबा ने कहा कि वह खुश रहने वाला व्यक्ति था. उनके मुताबिक, उसे कभी दुखी नहीं देखा गया. उन्होंने कहा, 'स्वभाव में बहुत खुश था. उसका कभी दिल दुखी नहीं रहा और बहुत आनंद से रहे.' बाबा ने कहा कि उन्हें यह विश्वास नहीं हो रहा कि दीपक खुद ऐसा कदम उठा सकता है. उन्होंने फिर दोहराया कि उनके मुताबिक उसके साथ किसी ने गलत किया है. उन्होंने कहा, 'एक मारा हमारा आत्मा है के वह यहां से तो कर नहीं सके के यहां से कौन जावर जो करे वो करे और मौत के वो करे. उसके संगे किसी ने गलत किया है.'

मौत के बाद आश्रम और अस्पताल के बीच भटकने का आरोप

परिवार का आरोप है कि दीपक की मौत की जानकारी मिलने के बाद उन्हें तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. परिजनों के मुताबिक उन्हें काफी देर तक आश्रम और अस्पताल के बीच भटकना पड़ा. परिवार का कहना है कि दीपक के शव के बारे में भी उन्हें तुरंत साफ जानकारी नहीं मिली. आश्रम में भी उन्हें अपने सवालों के जवाब नहीं मिल पाए. इसी वजह से परिजन पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.