प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की हेमोरेजिक शॉक से हुई थी मौत, जानिए क्या होता है ये?

यूपी तक

28 Sep 2026 (अपडेटेड: 28 Sep 2026, 01:10 PM)

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है.

Rasik Dulari Sharan Haemorrhagic Shock Death

Rasik Dulari Sharan Haemorrhagic Shock Death (Photo Generated By AI)

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Rasik Dulari Sharan Haemorrhagic Shock Death: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है. रिपोर्ट में मौत की वजह ‘हेमोरेजिक शॉक’ बताई गई है. पुलिस के मुताबिक, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हुई. आखिर हेमोरेजिक शॉक क्या होता है और शरीर में ऐसा क्या होता है कि यह स्थिति जानलेवा बन जाती है?

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पोस्टमार्टम में सामने आया हेमोरेजिक शॉक

रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘Haemorrhagic Shock’ का जिक्र है. इसका सीधा मतलब है कि शरीर में बहुत ज्यादा रक्तस्राव होने के कारण हेमोरेजिक शॉक की स्थिति बनी, जिसके चलते उनकी जान चली गई. हेमोरेजिक शॉक अपने आप में एक गंभीर मेडिकल स्थिति है. इसमें शरीर से इतनी मात्रा में खून निकल जाता है कि शरीर के जरूरी अंगों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती.

क्या होता है हेमोरेजिक शॉक?

हमने चंदौली के एक डॉक्टर से बात कि तो उन्होंने बताया कि हेमोरेजिक शॉक, 'जब शरीर से बहुत ज्यादा खून निकल जाता है, तो शरीर में मौजूद रक्त की मात्रा तेजी से कम होने लगती है. इसके कारण ब्लड प्रेशर गिर सकता है और हृदय शरीर के सभी जरूरी अंगों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंचा पाता. जब अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो उनकी फंक्शनिंग प्रभावित होने लगती है. इससे स्थिति गंभीर होने पर शरीर के जरूरी अंग काम करना बंद कर कर देते हैं.'

रसिक दुलारी के मामले में पुलिस ने क्या बताया?

रसिक दुलारी शरण, जिनका मूल नाम दीपक लोधी था, वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य थे. पुलिस के मुताबिक, वह छत से नीचे गिरे थे और CCTV फुटेज की जांच में प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या का मामला सामने आया है. पुलिस ने यह भी बताया कि परिवार की शिकायत के बाद मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और उनके साथ रहने वाले लोगों से पूछताछ की गई है. पुलिस के मुताबिक जिस कमरे में रसिक दुलारी रहते थे, वहां एक ग्राइंडर मिला था. पुलिस ने यह भी कहा कि उनके प्राइवेट पार्ट के कटे होने के तथ्य सामने आए हैं. हालांकि, यह क्यों और कैसे हुआ, इसकी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. इस पहलू को लेकर पुलिस जांच कर रही है.

CCTV में क्या सामने आया?

पुलिस जांच में 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10:36 बजे का CCTV फुटेज भी सामने आया है. दी गई जानकारी के मुताबिक, फुटेज में रसिक दुलारी को चौथी मंजिल से नीचे गिरते हुए देखा गया. उस समय उन्होंने सफेद धोती और पीले रंग का कपड़ा पहना हुआ था. पुलिस इसी फुटेज समेत दूसरे साक्ष्यों की भी जांच कर रही है.

परिवार को कैसे मिली थी सूचना?

परिवार को सूचना मिली थी कि रसिक दुलारी गिर गए हैं और उन्हें सर्जरी की जरूरत है. इसके बाद परिजन करीब रात 3 बजे वृंदावन पहुंचे. परिवार पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम गया, जहां उन्हें सुबह 8 बजे के बाद मिलने के लिए कहा गया. परिजन वहां इंतजार करते रहे और करीब 9 बजे वहां से चले गए. परिवार का कहना है कि उन्होंने करीब तीन दिनों तक उनसे मिलने की कोशिश की थी, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी.

2024 से वृंदावन में रह रहे थे दीपक

दीपक लोधी मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले थे. परिवार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वह करीब 10 साल से अपने ननिहाल में रह रहे थे और खेती से जुड़े परिवार से थे. वह पढ़े-लिखे और शांत स्वभाव के बताए जाते थे. उनका झुकाव आध्यात्म की ओर था और वह मां नर्मदा के भक्त थे. करीब 2 से ढाई साल पहले उन्होंने जबलपुर के संत दादा गुरु भैय्या जी सरकार के साथ करीब छह महीने की पदयात्रा भी की थी. इसके बाद परिवार की ओर से शादी के लिए दबाव बनाए जाने पर वह वृंदावन चले गए और प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर वहीं रहने लगे.