प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत से उठे कई सवाल, जीजा सोनू पटेल ने तोड़ी चुप्पी

मदन गोपाल

• 10:42 AM • 28 Sep 2026

वृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद उनके परिवार की ओर से कई सवाल उठाए गए हैं. मृतक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि परिवार को फोन पर जानकारी मिली थी कि रसिक दुलारी शरण गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होना है.

Rasik Dulari Sharan Death News

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Rasik Dulari Sharan Death News: वृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद उनके परिवार की ओर से कई सवाल उठाए गए हैं. मृतक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि परिवार को फोन पर जानकारी मिली थी कि रसिक दुलारी शरण गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होना है. इसके बाद परिजन रात करीब 3 बजे वृंदावन पहुंचे. सोनू पटेल के मुताबिक परिवार ने साधक के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन सुबह तक उन्हें घटना और उनकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी.

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प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे परिजन

सोनू पटेल के अनुसार रात करीब 3 बजे वृंदावन पहुंचने के बाद परिवार के लोग सबसे पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए. वहां उन्होंने रसिक दुलारी शरण के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बाहर बैठने के लिए कहा गया. परिजनों को बताया गया कि सुबह 8 बजे के बाद उन्हें मिलाया जाएगा. इसके बाद परिवार के लोग सुबह तक आश्रम के बाहर बैठे रहे. सोनू पटेल ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे वे वहां से निकल गए. हालांकि, तब तक उन्हें घटना या साधक की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.

तीन दिनों तक मुलाकात नहीं होने का दावा

परिजनों के मुताबिक उन्होंने रसिक दुलारी शरण से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन करीब तीन दिनों तक उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. सोनू पटेल ने बताया कि रसिक दुलारी शरण साल 2024 से आश्रम में रह रहे थे. परिवार के लोग पहले उनसे मिलने के लिए आश्रम जाते थे, लेकिन बाद में मुलाकात मुश्किल होती गई. परिजन के मुताबिक, गुरुदीक्षा लेने के बाद किसी को उनसे आसानी से मिलने नहीं दिया जाता था. परिवार के लोगों का कहना है कि इस वजह से उनके लिए साधक से मिलना पहले की तुलना में कठिन हो गया था.

मिलने जाते थे तो एक-दो घंटे करना पड़ता था इंतजार

सोनू पटेल ने बताया कि जब परिवार के लोग रसिक दुलारी शरण से मिलने आश्रम जाते थे, तो उन्हें एक-दो घंटे इंतजार करने के लिए कहा जाता था. कई बार परिजनों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था. उन्होंने यह भी बताया कि रसिक दुलारी शरण के पास फोन नहीं था और परिवार की उनसे फोन पर कभी बातचीत नहीं हुई. ऐसे में परिजनों के लिए उनसे सीधे संपर्क करना आसान नहीं था. हालांकि, सोनू पटेल ने मौत को लेकर किसी पर सीधे आरोप लगाने से इनकार किया. उनका कहना था कि फिलहाल घटना को लेकर परिवार की ओर से कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है.

हत्या या धक्का देने के सवाल पर क्या बोले जीजा?

जब सोनू पटेल से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि किसी ने रसिक दुलारी शरण की हत्या की या उन्हें ऊपर से धक्का दिया गया, तो उन्होंने कोई दावा नहीं किया. इस सवाल पर उन्होंने कहा, 'इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं बोल सकता.” यानी परिवार की ओर से फिलहाल मौत की वजह को लेकर किसी व्यक्ति पर सीधा आरोप नहीं लगाया गया है. परिजन घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं. सोनू पटेल के बयान से साफ है कि परिवार अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है और घटना को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहा है.

'परिवार यहां मौजूद है, लेकिन आश्रम से कोई नहीं आया'

सोनू पटेल ने बताया कि परिवार के लोग इस समय वहां मौजूद हैं, लेकिन प्रेमानंद महाराज के आश्रम की ओर से कोई व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया. उनके मुताबिक, आश्रम की तरफ से किसी ने परिवार से कोई बातचीत भी नहीं की. सोनू पटेल ने कहा, 'परिवार यहां मौजूद है, लेकिन आश्रम से कोई नहीं आया.” परिजन का कहना है कि ऐसी स्थिति में आश्रम की ओर से किसी व्यक्ति को परिवार के पास आना चाहिए था. हालांकि, सोनू पटेल ने यह भी कहा कि इस बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है.