प्रभु राम की नगरी जाएंगे अखिलेश यादव, CM योगी ने कसा तंज, बोले- 'रावण-मारीच के भक्त अयोध्या क्यों जाना चाहते हैं?'

अभय राठौर

08 Nov 2026 (अपडेटेड: 08 Nov 2026, 02:13 PM)

Akhilesh Yadav Ayodhya Visit: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 12 दिसंबर को परिवार के साथ अयोध्या जाएंगे. उनके प्रस्तावित दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने तंज कसते हुए कहा है कि अयोध्या में रावण, मारीच और ताड़का का कोई चिन्ह नहीं है, तो उनके भक्त वहां क्यों आना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा अखिलेश को अयोध्या की उपेक्षा और अपने पुराने कारनामों के लिए रामभक्तों से माफी मांगनी चाहिए.

अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर CM योगी का तंज

अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर CM योगी का तंज

Google CTA

Akhilesh Yadav Ayodhya Visit: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अपने परिवार के साथ अयोध्या जा रहे हैं. अब उनके इस प्रस्तावित आगमन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करारा तंज कसा है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज तक के कार्यक्रम पंचायत अयोध्या में कहा है कि 'यह भगवान राम की नगरी है, यहां कोई भी आ सकता है. लेकिन अगर सपा प्रमुख यहां आना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले अपने कारनामों और अयोध्या की सालों तक हुई उपेक्षा के लिए रामभक्तों से माफी मांगनी चाहिए.' सीएम योगी ने यह भी कहा है कि 'अयोध्या में रावण, मारीच और ताड़का का कोई चिन्ह नहीं है, तो उनके भक्त यहां क्यों आना चाहते हैं.'

यह भी पढ़ें...

'रामभक्तों और अयोध्या से मांगें माफी'

सपा प्रमुख अखिलेश यादव प्रभु राम की नगरी अयोध्या जाने वाले हैं. उनके इस प्रस्तावित दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भगवान राम की नगरी में हर व्यक्ति को आने का अधिकार है. जो भक्ति भाव से आएगा, वह सम्मान पाएगा, लेकिन जो बुरी भावना से आएगा, उसकी दुर्गति ही होगी. सीएम योगी ने आने कहा, 'समाजवादी पार्टी के मुखिया अगर अयोध्या आना चाहते हैं, तो उनको अपने कृत्यों (कारनामों) के लिए रामभक्तों से और अयोध्या की जनता से माफी मांगनी चाहिए. उनके समय में अयोध्या की भारी उपेक्षा हुई थी.'

'तब गंदगी थी, आज फोरलेन और एयरपोर्ट है'

सीएम योगी ने पिछली सपा सरकार और अपनी सरकार की तुलना करते हुए कहा है कि पहले अयोध्या में केवल 3 घंटे बिजली मिलती थी और यह नगरी गंदगी के ढेरों में डूबी रहती थी. आज अयोध्या में संकरी गलियों की जगह फोरलेन की कनेक्टिविटी है. यहां धर्म पथ, श्री राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ बन चुके हैं. पहले यहां एयरपोर्ट नहीं था, लेकिन आज महर्षि वाल्मीकि के नाम पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है. माता शबरी और निषाद राज के नाम पर भी सुविधाएं और सम्मानजनक स्थान दिए गए हैं.

'रावण और ताड़का के भक्त क्यों आना चाहते हैं?'

योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की राम भक्ति पर तंज कसते हुए कहा है कि, 'राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, माता शबरी, निषाद राज और गिद्धराज जटायु के मंदिर हैं, क्योंकि उन्होंने राम काज में सहयोग किया था. लेकिन अयोध्या में कहीं भी रावण, मारीच, सुबाहु या ताड़का का कोई चिन्ह नहीं है. जब उनका यहां कोई चिन्ह ही नहीं है, तो मैं पूछना चाहता हूं कि उनके भक्त यहां क्यों आना चाहते हैं?' 

'अयोध्या मेरे लिए आस्था का विषय'

अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि अयोध्या उनके लिए राजनीतिक नहीं, बल्कि आस्था का विषय है. उन्होंने कहा है कि, 'गोरक्षपीठ राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी रही है. मेरे दादा गुरु और पूज्य गुरुदेव भी इस आंदोलन का हिस्सा थे. मुझे गौरव है कि मैं इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए अयोध्या और रामलला के लिए कुछ कर पा रहा हूं.'

12 दिसंबर को अयोध्या आएंगे अखिलेश

बता दें समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडे ने जानकारी दी है कि अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अपनी पत्नी डिंपल यादव, बेटे और बेटी के साथ अयोध्या पहुंचेंगे. यह उनका पूरी तरह से धार्मिक दौरा होगा, जिसमें वे पूरा दिन अयोध्या में बिताएंगे. इस दौरान अखिलेश यादव रामलला के दर्शन करने के साथ-साथ संतों-महंतों से भी मुलाकात करेंगे.

यह भी पढ़ें: रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे अखिलेश यादव, पवन पांडे ने बताई तारीख