Rasik Dulari Sharan Postmortem Report: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है. पुलिस के मुताबिक CCTV फुटेज की जांच में प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या का मामला सामने आया है. हालांकि, परिवार की शिकायत के बाद पुलिस सभी पहलुओं और संभावित एंगल की गहराई से जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हेमरेजिक शॉक यानी अधिक ब्लीडिंग बताई गई है. वहीं, पुलिस के अनुसार जिस कमरे में दीपक लोधी रहते थे, वहां एक ग्राइंडर मिला और उनका प्राइवेट पार्ट कटे होने के तथ्य सामने आए हैं. पुलिस का कहना है कि यह क्यों और कैसे हुआ, इसकी स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी.
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परिवार की शिकायत पर हर एंगल से जांच
सीओ वृंदावन संदीप कुमार के मुताबिक रसिक दुलारी शरण का मूल नाम दीपक लोधी था. पुलिस CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है. इसके साथ ही उनके साथ रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. परिवार की शिकायत में पूरे मामले की छानबीन करने की मांग की गई है. पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले हर पहलू को देखा जा रहा है. पुलिस का कहना है कि अभी मामले में किसी एक एंगल तक जांच को सीमित नहीं किया गया है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर सभी पहलुओं को समझने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस ने आत्महत्या को लेकर क्या बताया?
सीओ वृंदावन संदीप कुमार ने मामले की जांच को लेकर बताया, “वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी द्वारा आश्रम के साथ से कूद कर की गई आत्महत्या के मामले में उनके परिवारजनों द्वारा की गई शिकायत की सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. रसिक दुलारी शरण जिनका मूल नाम दीपक लोधी है, इन्होंने छत से कूद कर आत्महत्या की थी.” उन्होंने आगे बताया कि CCTV कैमरे की जांच में प्रथम दृष्ट्या सुसाइड का मामला सामने आया है. पुलिस टीम सभी पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही है और लोगों से पूछताछ भी की जा रही है.
पोस्टमार्टम में अधिक ब्लीडिंग से मौत
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हेमरेजिक शॉक बताई गई है. इसका मतलब अधिक ब्लीडिंग होने के कारण मौत होना है. पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आई इसी जानकारी को जांच में शामिल किया है. वहीं, जिस कमरे में दीपक लोधी रहते थे, वहां से ग्राइंडर मिलने और उनके प्राइवेट पार्ट के कटे होने के तथ्य सामने आने की बात भी पुलिस ने कही है. इस मामले में पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह घटना किस तरह और किन परिस्थितियों में हुई. पुलिस के मुताबिक, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी.
कमरे से मिला ग्राइंडर, पुलिस कर रही जांच
सीओ संदीप कुमार ने बताया कि कमरे में ग्राइंडर मिला है और प्राइवेट पार्ट कटे होने के तथ्य जांच के दौरान सामने आए हैं. इस बिंदु को भी पुलिस की जांच में शामिल किया गया है. अधिकारी के मुताबिक, “जिस कमरे में वह रहते थे वहां एक ग्राइंडर में मिला है उनका प्राइवेट पार्ट कटने के तथ्य प्रकाश में आए हैं. यह क्यों हुआ यह सब जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगा.” यानी पुलिस फिलहाल इस मामले में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है. इस पहलू को लेकर भी जांच जारी है और पूरी स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होने की बात कही गई है.
25 सितंबर को सुबह 10:36 बजे का CCTV फुटेज
इससे पहले सामने आई CCTV फुटेज में 25 सितंबर 2026 की तारीख और सुबह 10:36 बजे का समय दिखाई दिया था. फुटेज में रसिक दुलारी शरण के चौथी मंजिल से नीचे गिरने की घटना सामने आई थी. उस समय उनके शरीर पर सफेद रंग की धोती और पीले रंग का कपड़ा था. CCTV फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की जांच को एक अहम आधार मिला. पुलिस इसी फुटेज की जांच के साथ घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं को भी देख रही है. फुटेज के आधार पर प्रथम दृष्ट्या आत्महत्या की बात सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है.
परिवार को फोन पर मिली थी गिरने की सूचना
परिवार के मुताबिक, उन्हें फोन पर बताया गया था कि रसिक दुलारी शरण गिर गए हैं और उन्हें सर्जरी की जरूरत है. इसके बाद परिवार वृंदावन पहुंचा. परिजनों के अनुसार, वे रात करीब 3 बजे वृंदावन पहुंचे और सबसे पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए. वहां उन्हें सुबह 8 बजे के बाद मिलने के लिए बाहर इंतजार करने को कहा गया. परिवार का कहना था कि वे करीब 9 बजे वहां से निकल गए. इस दौरान उन्हें रसिक दुलारी शरण की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी. परिवार ने घटना के बारे में पूरी स्थिति जानने की कोशिश की थी.
2024 से वृंदावन में रह रहे थे रसिक दुलारी
परिवार की ओर से बताया गया कि रसिक दुलारी शरण साल 2024 से वृंदावन में रह रहे थे. दीक्षा लेने के बाद उनसे मिलना पहले की तुलना में मुश्किल हो गया था. परिवार के मुताबिक, जब वे उनसे मिलने पहुंचते थे तो कई बार एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता था. रसिक दुलारी के पास मोबाइल फोन भी नहीं था और परिवार से फोन पर बातचीत नहीं होती थी. परिवार ने यह भी कहा था कि उन्होंने लगातार तीन दिनों तक उनसे मिलने की कोशिश की थी. परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि आश्रम की ओर से कोई व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया. पुलिस के मुताबिक, दीपक लोधी का अंतिम संस्कार वृंदावन में कर दिया गया है.
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