'आश्रम से कोई मिलने नहीं आया...' रसिक दुलारी की मौत के बाद जीजा ने खोला राज! बताई रात 3 बजे से सुबह तक की कहानी

मदन गोपाल

• 10:25 AM • 27 Sep 2026

वृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद उनके परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं. मृतक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि परिवार को फोन पर जानकारी मिली थी कि रसिक दुलारी शरण गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होना है.

Rasik Dulari Sharan Death News

Rasik Dulari Sharan Death News

Google CTA

Rasik Dulari Sharan Death News: वृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद उनके परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं. मृतक के जीजा सोनू पटेल ने बताया कि परिवार को फोन पर जानकारी मिली थी कि रसिक दुलारी शरण गिर गए हैं और अस्पताल में उनका ऑपरेशन होना है. इसके बाद परिवार के लोग रात करीब 3 बजे वृंदावन पहुंचे. सोनू पटेल के मुताबिक परिजनों ने साधक के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सुबह तक घटना की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी.

यह भी पढ़ें...

रात 3 बजे आश्रम पहुंचे

सोनू पटेल के अनुसार 3 बजे वृंदावन पहुंचने के बाद परिवार के लोग सबसे पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए. वहां उन्होंने रसिक दुलारी शरण के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बाहर बैठने के लिए कहा गया. परिजनों को बताया गया कि सुबह 8 बजे के बाद उन्हें मिलाया जाएगा. इसके बाद परिवार के लोग सुबह तक आश्रम के बाहर बैठे रहे. सोनू पटेल ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे वे वहां से निकल गए, लेकिन तब तक उन्हें घटना या साधक की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.

तीन दिनों तक मिलने की कोशिश का दावा

परिजनों के मुताबिक उन्होंने रसिक दुलारी शरण से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन करीब तीन दिनों तक उनकी मुलाकात नहीं हो सकी. सोनू पटेल ने बताया कि मृतक साल 2024 से आश्रम में रह रहे थे. परिवार के लोग पहले उनसे मिलने के लिए आश्रम जाते थे, लेकिन बाद में मुलाकात मुश्किल होती गई. परिजन के मुताबिक गुरुदीक्षा लेने के बाद किसी को उनसे आसानी से मिलने नहीं दिया जाता था.

मिलने जाते तो एक-दो घंटे करना पड़ता था इंतजार

सोनू पटेल ने बताया कि जब परिवार के लोग साधक से मिलने आश्रम जाते थे तो उन्हें एक-दो घंटे इंतजार करने के लिए कहा जाता था. कई बार उन्हें इंतजार करवाया जाता था. उन्होंने यह भी बताया कि रसिक दुलारी शरण के पास फोन नहीं था और परिवार की उनसे फोन पर कभी बातचीत नहीं हुई. ऐसे में परिजनों के लिए उनसे संपर्क करना आसान नहीं था. हालांकि मौत को लेकर किसी पर सीधे आरोप लगाने से सोनू पटेल ने इनकार किया.

हत्या या धक्का देने के सवाल पर क्या बोले सोनू?

जब सोनू पटेल से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि किसी ने रसिक दुलारी शरण की हत्या की या उन्हें ऊपर से धक्का दिया गया, तो उन्होंने कोई दावा नहीं किया. उन्होंने कहा 'इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं बोल सकता.' यानी परिवार की ओर से फिलहाल मौत की वजह को लेकर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है. परिवार घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहा है.

सोनू ने कहा कि आश्रम से कोई नहीं आया

सोनू पटेल ने कहा कि परिवार के लोग इस समय वहां मौजूद हैं, लेकिन प्रेमानंद महाराज के आश्रम की ओर से कोई व्यक्ति उनसे मिलने नहीं आया. उनके मुताबिक, आश्रम की तरफ से किसी ने परिवार से कोई बातचीत भी नहीं की. सोनू ने कहा 'परिवार यहां मौजूद है, लेकिन आश्रम से कोई नहीं आया.' परिजन का कहना है कि ऐसी स्थिति में आश्रम की ओर से किसी व्यक्ति को परिवार के पास आना चाहिए था. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है.