देश-विदेश में पहचान बना चुकीं मशहूर लोकगायिका प्रिया मलिक ने 'बिहार Tak' के साथ खास बातचीत में अपने सांगीतिक सफर, नए प्रोजेक्ट्स और भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े अहम मुद्दों पर खुलकर बात की. इस दौरान उन्होंने अपने सुपरहिट लोकगीतों से लेकर पुरुषों के सम्मान में आ रहे नए गाने 'दुलहरवा' तक की जानकारी शेयर की. इसके साथ ही प्रिया मलिक ने 22 भारतीय भाषाओं में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अपने महाअभियान और भोजपुरी एक्टर पवन सिंह-खेसारी लाल यादव के बीच आए दिन होने वाले विवादों पर भी अपनी बेबाक राय रखी.
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'चार डंडा' की नाराजगी दूर करने आ रहा है नया गाना दुलहरवा
प्रिया ने बताया कि पटना आने पर उनके दो गीत 'मिथिला नगरिया' और दहेज प्रथा पर चोट करता 'हाथी लेबे घोड़ा लेबे' हमेशा लोगों की जुबान पर रहते हैं. अपने चर्चित गाने 'चार डंडा' में दहेज मांगने वालों पर कसे गए तंज से नाराज मेल फैंस को लेकर उन्होंने कहा कि दहेज लेना और देना दोनों कानूनी व सामाजिक अपराध है.
हालांकि अपने पुरुष प्रशंसकों का दिल जीतने के लिए वह जल्द ही 'दुलहरवा' नाम से एक नया गाना ला रही हैं. इस गाने में एक स्त्री के नजरिए से पुरुषों के प्रति सम्मान, प्रशंसा और अटूट प्रेम को दर्शाया गया है.
अश्लीलता से दूर, भोजपुरी और मैथिली संगीत को मॉडर्न टच
भोजपुरी और मैथिली म्यूजिक इंडस्ट्री पर बात करते हुए प्रिया ने साफ किया कि वह अपने ऑडियो और वीडियो दोनों में आधुनिक और वेस्टर्न टच ला रही हैं. उनका मानना है कि गानों को हिट कराने के लिए अश्लीलता का सहारा लेना जरूरी नहीं है. देश और दुनिया में एक विशाल ऑडियंस ऐसी भी मौजूद है जो साफ-सुथरे, पारिवारिक और उच्च गुणवत्ता वाले संगीत को सुनना और देखना पसंद करती है.
देश में भाषाई और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देने के लिए प्रिया मलिक एक अनूठा अभियान चला रही हैं. इसके तहत वह भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लोकगीत प्रस्तुत करेंगी जिसे वह बिहार में भी पेश करने वाली हैं. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने लोकप्रिय उड़िया लोकगीत 'रंगबती' गाकर अपनी बहुभाषी गायकी का लोहा मनवाया.
पवन सिंह और खेसारी के विवाद पर क्या बोलीं प्रिया
भोजपुरी इंडस्ट्री में दिग्गज कलाकारों जैसे पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के बीच आए दिन होने वाले आपसी मतभेदों और जुबानी जंग पर प्रिया ने कहा कि किसी भी इंडस्ट्री या कलाकार के व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में विवाद होना स्वाभाविक है. जब कलाकार आपस में बैठकर बात करते हैं तो सब ठीक हो जाता है, इसलिए जनता या मीडिया को इन बातों को बहुत ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.
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